क्या 2026 में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? इंडियन ऑयल के चेयरमैन ने समझाया रिटेल प्राइसिंग का गणित

2026 की शुरुआत हो चुकी है। पिछले पूरे साल क्रूड के दाम 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहे। आगे भी दाम इसी दायरे में बने रहने की उम्मीद है। ऐसेस में आम उपभोक्ताओं के मन में बड़ा सवाल है कि क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलेगी। इस सवाल पर Indian Oil Corporation के चेयरमैन AS Sahney ने ET Now को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में क्या कहा जानें?

Petrol-Diesel Rate Cut 2026: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन एएस साहनी का कहना है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) बेहद नाजुक संतुलन बनाकर रखना पड़ता है। साहनी के मुताबिक Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum की प्रॉफिटेबिलिटी रिफाइनिंग मार्जिन और मार्केटिंग मार्जिन के बीच संतुलन पर निर्भर करती है। उनके मुताबिक, रिफाइनिंग मार्जिन यानी कच्चे तेल को प्रोसेस करने से होने वाला मुनाफा और मार्केटिंग मार्जिन यानी पेट्रोल पंप पर बिक्री से मिलने वाला फायदा, दोनों को साथ देखकर ही कीमतों पर फैसला होता है। फिलहाल रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर हैं, लेकिन मार्केटिंग साइड पर उतना स्पेस नहीं बन पा रहा।

AS Sahaney

इंडियन ऑयल के चेयरमैन (इमेज क्रेडिट, ET NOW/ Open AI)

डीजल-पेट्रोल महंगा क्यों?

जब साहनी से पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय से स्थिर और लोअर साइड में हैं। लेकिन, उस अनुपात में भारतीय बाजार में डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं घटे हैं। इसे लेकर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और भारत में पेट्रोल-डीजल के रिटेल दामों के बीच कोई सीधा रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर क्रूड महंगा होता है, तो कई बार मार्केटिंग मार्जिन सुधरते हैं, जबकि क्रूड सस्ता होने पर रिफाइनिंग मार्जिन मजबूत होते हैं। यही वजह है कि कीमतों में तुरंत कटौती का फैसला आसान नहीं होता।

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