Why are rupees falling: अमेरिकी मुद्रा में मजबूती तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों पूंजी की निकासी जारी रहने के बीच रुपया शुक्रवार को एक पैसे की गिरावट के साथ अबतक के सबसे निचले स्तर 84.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख के कारण भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
फिर लुढ़का रुपया (तस्वीर-Canva)
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अमेरिकी बांड पर प्रतिफल बढ़ने, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में कटौती की दर कम रहने की आशंका तथा वैश्विक स्तर पर अनिश्चित परिदृश्य को देखते हुए निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.07 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 84.07 से 84.09 प्रति डॉलर के बीच घट-बढ़ हुई। अंत में रुपया 84.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से मात्र एक पैसे की गिरावट है।
11 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले 84.10 के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था
रुपया, 11 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले 84.10 के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। शेयरखान बाय बीएनपी पारिबा के अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में समग्र मजबूती तथा एफआईआई की निरंतर निकासी के कारण रुपये के नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने का अनुमान है।
रुपया गुरूवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.07 पर बंद हुआ
रुपया गुरूवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.07 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 103.93 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.76 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 662.87 अंक की गिरावट के साथ 79,402.29 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 218.60 अंक की गिरावट के साथ 24,180.80 अंक पर बंद हुआ।
एफआईआई पूंजी बाजार में बिकवाली कर रहे
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाली कर रहे हैं और उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,036.75 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
