Why HDFC Bank Share Crash Today: गुरुवार को शेयर बाजार में तेज गिरावट के साथ ही HDFC बैंक के शेयर में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शेयर 8 फीसदी की गिरावट के साथ 770 रुपये तक फिसल गया, जो 1 साल का निचला स्तर है। HDFC बैंक के करीब 15% शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के पास हैं। यानी करीब 233 करोड़ शेयर रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में हैं।
गिरावट के बीच HDFC के शेयर में क्या करें निवेशक
निचले स्तर से तेज रिकवरी
शेयर में जहां 8 फीसदी के करीब गिरावट के साथ यह 770 रुपये के 52 वीक लो तक जरूर पहुंचा। लेकिन, तुरंत ही इसमें जोरदार रिकवरी भी देखने को मिली है। फिलहाल शेयर करीब 4.52% की गिरावट के साथ 804.95 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।
| पैरामीटर | वैल्यू |
|---|---|
| प्रीवियस क्लोज | ₹843.05 |
| आज का ओपन | ₹770.00 |
| आज का हाई | ₹814.50 |
| आज का लो | ₹770.00 |
| मौजूदा प्राइस | ₹800.20 |
| 52-वीक हाई | ₹1,020.50 |
| 52-वीक लो | ₹770.00 |
क्यों आई बड़ी गिरावट?
HDFC Bank में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा रहा। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ा। खास बात यह रही कि अपने इस्तीफे में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ घटनाओं और प्रक्रियाओं को अपने व्यक्तिगत मूल्यों और एथिक्स के अनुरूप नहीं बताया । इस टिप्पणी ने बाजार में गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।
अनिश्चितता बरकरार
इस्तीफे के तुरंत बाद RBI ने केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दी। हालांकि, बाजार ने इसे स्थिरता का संकेत मानने के बजाय अस्थायी व्यवस्था के रूप में लिया। अगले दिन कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा 17 मार्च को लिखा गया था और 18 मार्च को प्राप्त हुआ । इस तरह की टाइमिंग ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
ग्लोबल दबाव भी जारी
गिरावट का असर सिर्फ कंपनी-विशेष तक सीमित नहीं रहा। निफ्टी बैंक में करीब 1600 अंकों की गिरावट और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने भी दबाव बढ़ाया। HDFC Bank का इंडेक्स में भारी वेटेज होने के कारण इसमें बिकवाली ने पूरे बैंकिंग स्पेस को नीचे खींचा।
कमजोर ट्रेंड में बड़ा झटका
स्टॉक पिछले कुछ हफ्तों से दबाव में था और करीब 15 हफ्तों में लगभग 24% तक करेक्शन आ चुका था। ऐसे में यह खबर ट्रिगर का काम कर गई और शेयर सीधे 52-वीक लो ₹770 तक फिसल गया। तकनीकी रूप से भी यह स्तर महत्वपूर्ण था, जिसके टूटने से बिकवाली तेज हुई।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति
Market Expert Opinion: मार्केट एक्सपर्ट अंशुल जैन का कहना है मौजूदा गिरावट में घबराकर निर्णय लेने से बचना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बैंक के फंडामेंटल अब भी मजबूत बने हुए हैं, लेकिन गवर्नेंस को लेकर स्पष्टता आने तक स्टॉक में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। शॉर्ट टर्म में यह काउंटर रेंज में रह सकता है, जबकि किसी भी रिकवरी के लिए भरोसे की वापसी अहम होगी।
| पैरामीटर | डिटेल |
|---|---|
| स्ट्रैटेजी टाइप | शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग (कंडीशनल बाय) |
| एंट्री लेवल | ₹801 के ऊपर 15 मिनट टिकने पर |
| स्टॉप लॉस | ₹785 |
| पहला रेजिस्टेंस | ₹820–₹825 |
| टारगेट | ₹832 (गैप फिलिंग) |
| ट्रिगर | शॉर्ट कवरिंग / ओपन-लो पैटर्न |
| जोखिम | बिना स्टॉप लॉस ट्रेड करना खतरनाक |
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
