FD Interest Rates: पिछले कुछ सालों में इमरजेंसी फंड रखने के महत्व पर जोर दिया गया है। भू-राजनीतिक अशांति ने पूरी दुनिया में आर्थिक अस्थिरता और महंगाई को बढ़ा दिया है। अनिश्चितता के ऐसे समय में एक इमरजेंसी फंड वित्तीय सहायता के रूप में काम करके बहुत जरूरी राहत प्रदान कर सकती है। चाहे वह कोई मेडिकल इमरजेंसी हो, जरुरी काम हो या नौकरी छूट जाना हो, इमरजेंसी फंड आपको चुनौतीपूर्ण समय से उबरने में मदद कर सकती है जब तक कि आप अपने पैरों पर वापस नहीं आ जाते। इमरजेंसी फंड बनाते समय तरलता, सुरक्षा, स्थिरता पर फोकस होना चाहिए। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) इन सभी बॉक्स को पूरा करता है और इस उद्देश्य के लिए एक बढ़िया विकल्प है। आइए जानें कैसे?
एफडी में निवेश से पहले यहां जानिए ब्याज दरें (तस्वीर-Canva)
सुरक्षित और भरोसेमंद
FD एक डेब्ट-आधारित साधन है जो कम जोखिम के लिए लोकप्रिय है। म्यूचुअल फंड या स्टॉक के विपरीत FD बाजार के प्रदर्शन से बंधे नहीं होते हैं और इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रति कम संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा प्रति जमाकर्ता 5 लाख रुपये तक के बैंक FD को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा बीमा किया जाता है, जो आपके निवेश में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से जो इमरजेंसी फंड के लिए महत्वपूर्ण है, FD उपयुक्त हैं।
तय रिटर्न
स्थिरता FD द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक और लाभ है जो इमरजेंसी फंड बनाने में सहायक हो सकता है। चूंकि FD आपको एक निश्चित दर और अवधि के लिए पूंजी जमा करने की अनुमति देता है, इसलिए आप अपने निवेश की मैच्योरिटी पर सटीक रिटर्न निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि ये रिटर्न बाजार से जुड़े साधनों द्वारा दिए जाने वाले रिटर्न जितने अधिक नहीं हो सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित और पूर्वानुमानित रिटर्न आपके इमरजेंसी फंड के लिए अधिक कुशल योजना बनाने में सहायता कर सकते हैं।
लिक्विडिटी
अपने इमरजेंसी फंड बनाने के लिए कोई साधन चुनते समय, लिक्विडिटी सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है जिस पर विचार किया जाना चाहिए। जबकि FD में आम तौर पर समय से पहले निकासी पर जुर्माना लगता है, कई बैंक लिक्विड FD भी ऑफर करते हैं जो कम जुर्माना लगाते हैं और फंड तक जल्दी पहुंच प्रदान करते हैं। आसान लिक्विडिटी विशेष रूप से इमरजेंसी की स्थिति के दौरान उपयोगी होती है जब फंड की तत्काल जरुरत होती है। अपने कई लाभों के साथ, फिक्स्ड डिपॉजिट आपके इमरजेंसी फंड को बनाने के लिए एक आदर्श तरीका है। अगर आप अपने रिटर्न को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, तो अलग-अलग अवधि के साथ कई FD में निवेश करके अपने FD को बढ़ाने का प्रयास करें।
FD में निवेश करने की योजना बना रहे हैं? प्रमुख प्राइवेड बैंकों द्वारा दी जा रही 1-2 साल की FD के लिए ब्याज दरों को जरुर देखें।
| बैंक | ब्याज दर (अवधि: 1-2 वर्ष) |
| डीसीबी बैंक | 8.05% |
| बंधन बैंक | 8.05% |
| कैथोलिक सीरियन बैंक | 8.00% |
| आरबीएल बैंक | 8.00% |
| इंडसइंड बैंक | 7.99% |
| यस बैंक | 7.75% |
| टीएनएससी बैंक | 7.75% |
| आईडीएफसी बैंक | 7.75% |
| कर्नाटक बैंक | 7.50% |
| करूर व्यास बैंक | 7.50% |
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल बैंक बाजार डॉट कॉम की कॉम्युनिकेशन सीनियर मैनेजर मालविका सिंघल ने लिखी है, यह सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आप किसी भी तरह का निवेश करना चाहते हैं तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)
