क्या आपकी सोसाइटी की इमारत भी हो रही है खराब? जानें किसे करानी होगी मरम्मत Builder या RWA

फ्लैट खरीदने के कुछ सालों बाद ही अगर सोसाइटी की इमारत में सीपेज या टूट-फूट शुरू हो जाए, तो मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होती है बिल्डर की या आरडब्ल्यूए (RWA) की? जानिए क्या कहते हैं नियम।

हाई-राइज सोसाइटीज और अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों के लिए इमारत का रख-रखाव और मरम्मत एक बड़ी चिंता का विषय होता है। कई बार देखा जाता है कि हैंडओवर के कुछ ही समय बाद इमारतों में दरारें आने लगती हैं, सीपेज (Seepage) की समस्या होती है या लिफ्ट और पेंट खराब होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में अक्सर फ्लैट बायर्स, बिल्डर और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के बीच इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो जाता है कि मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा। इस उलझन को सुलझाने के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) और अपार्टमेंट ओनर्स एक्ट में स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं हाउसिंग सोसाइटी में मेंटेनेंस और रिपेयर का जिम्मेदार कौन होगा?

Housing Society Maintainance

जानें किसे करानी होगी मरम्मत Builder या RWA

किसकी है जिम्मेदारी?

रेरा (RERA) के नियमों के अनुसार, प्रोजेक्ट का पजेशन देने के बाद शुरुआती 5 सालों तक इमारत में किसी भी तरह की ढांचागत खराबी (Structural Defect) को ठीक करने की पूरी कानूनी जिम्मेदारी बिल्डर की होती है। अगर पांच साल के भीतर पिलर में दरार, प्लास्टर का गिरना, घटिया कंस्ट्रक्शन मटेरियल या प्लंबिंग से जुड़ी कोई गंभीर खामी सामने आती है, तो बिल्डर को बिना फ्लैट मालिकों से अतिरिक्त पैसा लिए अपने खर्च पर मरम्मत करानी होगी। इसके लिए आरडब्ल्यूए या फ्लैट बायर्स लिखित शिकायत देकर बिल्डर से काम कराने की मांग कर सकते हैं।

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