Who is Zafar Sareshwala Business: मौलाना आजाद उर्दू नेशनल यूनिवर्सिटी के पूर्व चांसलर और इस्लामिक स्कॉलर जफर सरेशवाला ने अतीक अहमद और बेटे असद को लेकर एक खुलासा किया है। TIMESNOW नवभारत से खास बातचीत में उन्होंने कहा मैं 2019 में असद से मिला था। वह उस समय लॉ फर्स्ट ईयर में पढ़ रहा था। तब उसने मुझे बताया था कि वह अतीक अहमद का बेटा है और उसने मुझे अतीक से फोन पर बात कराई थी। ऐसे में आज हम आपको मोदी के प्रशंसक जफर सरेशवाला के बारे में बता रहे हैं।
जफर सरेशवाला।
ट्रेडिंग से शुरू किया बिजनेस
जफर ने खुदरा स्टॉक ब्रोकिंग और वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए एक निवेश और ट्रेडिंग कंपनी के रूप में 1990 में पारसोली कॉर्पोरेशन लिमिटेड की स्थापना की। वह इस्लामिक फाइनेंस के क्षेत्र में अग्रणी व्यक्तियों में से एक हैं और उन्होंने वित्तीय सेवा प्राधिकरण (FSA) यूके द्वारा विनियमित पहला "ऑनशोर इस्लामिक इक्विटी फंड" स्थापित किया था।
फैमिली के 130 साल पुराने बिजनेस से की करियर की शुरुआत
जफर सरेशवाला वाल्व (Industrial Valves) बनाने के 130 साल पुराने बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एक मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री लेने के बाद, उन्होंने अपने फैमिली बिजनेस एमएच वाल्व्स (MH Valves) के साथ अपने करियर की शुरुआत की। ये कंपनी पूरे भारत में वाल्व निर्माण उद्योग में एक स्थापित नाम है। हाल के दिनों में, जफर ने Yconomy Eng Tech Pvt. की स्थापना की है। ये कंपनी एक पेटेंट प्रोडक्ट लीवर ऑपरेटेड वॉटर टैप निर्माण करती है, जिसे विशेष रूप से पानी की बचत करने के लिए डिजाइन किया गया है और इसका उपयोग किसी भी तरह की वाटर सप्लाई में किया जा सकता है।
अतीक की पत्नी को बताई थी ये बात
जफर सरेशवाला बताते हैं कि यह बातचीत उस समय की है जब अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद साबरमती जेल शिफ्ट कर दिया गया था और वो अपने संस्था के काम से उस दौरान इलाहाबाद में थे। एक दिन तीन से चार लोग उनसे मिलने के लिए आए थे जिसमें अतीक का बेटा असद भी था। असद उस वक्त एमिटी यूनिवर्सिटी से इंटीग्रेटेड लॉ की पढ़ाई कर रहा था। असद ने खुद और अपने पिता के बारे में परिचय दिया। पहले तो वो कुछ समझ नहीं पाए। असद ने फोन पर अतीक अहमद से बात कराई। अतीक ने कहा कि जफर भाई आप बड़े आदमी हैं और आपसे गुजारिश है। आप कुछ ऐसा कर दीजिए ताकि साबरमती जेल में उसे परेशान ना किया जाए क्योंकि वो डायबिटिक है। इसके साथ ही जफर सरेशवाला ने असद से कहा कि जिस रास्ते पर तुम्हारा पिता है उस रास्ते पर मत जाना। इसके साथ ही उन्होंने शाइस्ता परवीन से भी कहा था कि इस तरह का वातावरण दो ताकि अतीक अहमद के काले कारनामों की परछाईं ना पड़े।
