कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को न केवल रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देता है, बल्कि सदस्य की असामयिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार का सहारा भी बनता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि अगर किसी पीएफ (PF) खाताधारक की मृत्यु हो जाए, तो उसके खाते में जमा पैसा किसे मिलेगा और उसे निकालने की प्रक्रिया क्या होगी? ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, सदस्य की मृत्यु के बाद पीएफ की राशि, पेंशन और इंश्योरेंस का लाभ परिवार के हकदार सदस्यों को दिया जाता है।
सदस्य की मृत्यु के बाद पैसा किसे मिलता है?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, पीएफ खाते में जमा पैसा सबसे पहले उस व्यक्ति को मिलता है जिसे सदस्य ने अपना नॉमिनी (Nominee) बनाया है। यदि सदस्य ने ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी की है, तो नॉमिनी को पैसा मिलने में बहुत आसानी होती है। लेकिन, अगर कोई नॉमिनेशन नहीं किया गया है, तो पैसा सदस्य के कानूनी वारिस (Legal Heir) या परिवार के सदस्यों (पति/पत्नी और बच्चों) को समान रूप से दिया जाता है। इसके लिए परिवार को 'सर्वाइवरशिप सर्टिफिकेट' या कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ सकती है।
क्लेम करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?
मृत्यु के बाद क्लेम करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) है। इसके अलावा, क्लेम करने वाले व्यक्ति (नॉमिनी या वारिस) का पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी (कैंसिल चेक या पासबुक) और सदस्य के साथ रिश्ते का प्रमाण देना होता है। अगर क्लेम करने वाला नाबालिग है, तो उसके गार्जियन (अभिभावक) के दस्तावेज भी लगते हैं। ईपीएफओ अब डिजिटल क्लेम की सुविधा देता है, लेकिन ऑफलाइन मोड में फॉर्म-20, फॉर्म-10D और फॉर्म-5IF भरने पड़ते हैं।
क्या परिवार को इंश्योरेंस का पैसा भी मिलता है?
ईपीएफओ सदस्यों को 'एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस' (EDLI) योजना के तहत मुफ्त जीवन बीमा कवर मिलता है। अगर सेवा के दौरान (In-service) सदस्य की मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को अधिकतम ₹7 लाख तक की बीमा राशि मिल सकती है। न्यूनतम राशि ₹2.5 लाख तय की गई है, बशर्ते सदस्य ने मृत्यु से पहले लगातार 12 महीनों तक नौकरी की हो। इसके लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता, यह सुविधा पीएफ खाते के साथ अपने आप जुड़ी होती है।
क्या परिवार को पेंशन (EPS) का लाभ भी मिलेगा?
पीएफ फंड के अलावा, परिवार 'कर्मचारी पेंशन योजना 1995' (EPS) के तहत मासिक पेंशन का हकदार भी होता है। सदस्य की मृत्यु के बाद उसकी विधवा/विधुर को जीवनभर के लिए पेंशन मिलती है। यदि सदस्य के बच्चे 25 वर्ष से कम आयु के हैं, तो दो बच्चों को भी एक साथ मासिक पेंशन दी जा सकती है। अगर सदस्य अविवाहित था, तो पेंशन का लाभ उसके आश्रित माता-पिता को दिया जाता है। यह वित्तीय सुरक्षा परिवार को मुश्किल समय में निरंतर आय सुनिश्चित करती है।
क्लेम की प्रक्रिया ऑनलाइन है या ऑफलाइन?
यदि सदस्य का यूएएन (UAN) आधार से लिंक्ड है और ई-नॉमिनेशन फाइल किया हुआ है, तो नॉमिनी ईपीएफओ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन क्लेम कर सकता है। पोर्टल पर 'Death Claim' का विकल्प चुनकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। अगर विवरण मेल नहीं खाते, तो सदस्य के आखिरी नियोक्ता (Employer) के जरिए ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता है। ईपीएफओ का लक्ष्य आवेदन के 20 दिनों के भीतर सेटलमेंट पूरा करना होता है।
