ITR Form-4 Sugam Eligibility : टैक्सपेयर्स के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना बड़ी जिम्मेदारी है। इससे लोग अपनी इनकम की जानकारी देने के साथ-साथ डिडक्शन के लिए क्लेम और कानून को फॉलो कर सकते हैं। फरवरी में, सीबीडीटी (CBDT) ने धारा 139 (1) के तहत डिस्क्लोजर के मामले में आईटीआर-1 फॉर्म (ITR-1 Form) में बदलाव किया था। ये फॉर्म स्वेच्छा से 2.5 लाख रुपये से कम की सालाना टैक्सेबल इनकम वाले लोग फाइल कर सकते हैं। भले ही उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट्स 1 करोड़ रुपये से अधिक हो, पर इन लोगों को अपने आईटीआर फॉर्म में इस जानकारी का खुलासा नहीं करना होगा। आईटीआर फॉर्म और भी कई तरह के होते हैं, जिनमें आईटीआर 4 सुगम (ITR 4 Sugam) शामिल है। आगे जानिए ये फॉर्म कौन भर सकता है और इसके लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी।
आईटीआर फॉर्म-4 सुगम पात्रता
क्या हैं आईटीआर-4 फॉर्म के लिए एलिजिबिलिटी
आईटीआर-4 उस निवासी व्यक्ति / हिंदू यूनाइटेड फैमिली (Hindu Undivided Family) य HUF/ फर्म (LLP के अलावा) द्वारा जमा किया जा सकता है, जिसके पास :
- वित्त वर्ष में 50 लाख से कम इनकम
- धारा 44एडी, 44एडीए, या 44एई के तहत अनुमानित आधार पर कैलकुलेट की गई बिजनेस और प्रोफेशन से इनकम
- वेतन/पेंशन आय, एक मकान प्रॉपर्टी, कृषि इनकम (5000 रु तक)
इनकम के अन्य सोर्स (लॉटरी जीत और रेस हॉर्स इनकम को छोड़कर) :
- बचत खाते का ब्याज
- डिपॉजिट ब्याज (बैंक/पोस्ट ऑफिस/ कोऑपरेटिव सोसायटी)
- इनकम टैक्स ब्याज का रिफंड
- परिवार के लिए पेंशन
- बढ़े हुए मुआवजे पर ब्याज या कोई अन्य ब्याज आय (जैसे कि अनसिक्योर्ड लोन पर ब्याज)
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
- फॉर्म 16
- फॉर्म 26एएस और एआईएस
- फॉर्म 16ए
- बैंक स्टेटमेंट
- हाउसिंग लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट
- डोनेशन रसीदें
- रेंटल एग्रीमेंट
- रेंट रिसीट
- निवेश प्रीमियम भुगतान रसीदें (एलआईसी, यूलिप, आदि)
फ्रीलांसर भी कर सकते हैं फाइल
प्रोफेशन में लगे फ्रीलांसर भी इस फॉर्म को तब चुन सकते हैं अगर उनकी ग्रॉस इनकम 50 लाख रुपये से अधिक न हो।
