Gold: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (central banks) लगातार सोना खरीद (Gold Buying) रहे हैं और यह सिलसिला अब 23 महीनों तक बिना रुके जारी रहा है। फरवरी महीने में ग्लोबल केंद्रीय बैंकों ने कुल 19 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा। इस साल की शुरुआत से अब तक कुल खरीद 25 टन तक पहुंच चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ट्रेंड केवल एक सामान्य निवेश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।
कौन खरीद रहा है सबसे अधिक सोना (तस्वीर-istock)
पोलैंड सबसे आगे
फरवरी में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाला देश पोलैंड रहा। पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने अकेले 20 टन सोना खरीदा, जिससे उसके कुल भंडार बढ़कर 570 टन हो गए हैं। अब उसके विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 31% हिस्सा सोने में है। इसके अलावा उज्बेकिस्तान ने 8 टन और चीन ने 1 टन सोना खरीदा। हालांकि चीन की खरीद मात्रा कम दिखती है, लेकिन यह उसका लगातार 16वां महीना है जब वह सोना खरीद रहा है। इससे चीन का कुल सोना भंडार 2,308 टन तक पहुंच गया है।
युद्ध और अस्थिरता का असर
जहां एक तरफ ज्यादातर देश सोना खरीद रहे हैं, वहीं कुछ देशों को मजबूरी में सोना बेचना भी पड़ा है। फरवरी में तुर्की और रूस ने क्रमशः 8 टन और 6 टन सोना बेचा। खासकर तुर्की ने मार्च में करीब 120 टन सोना बेच दिया। यह बिक्री विदेशी मुद्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई, जिसका कारण ईरान से जुड़ा युद्ध और बढ़ता आर्थिक दबाव है। हालांकि इन बिकवाली के बावजूद वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।
वैश्विक आर्थिक बदलाव का संकेत
यह लगातार सोना खरीदने का ट्रेंड एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। 2025 में पहली बार ऐसा हुआ कि दुनिया के केंद्रीय बैंकों के पास अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स से ज्यादा सोना हो गया। यह स्थिति 1996 के बाद पहली बार देखी गई। इसका मतलब है कि देश अब अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहते हैं और अपने भंडार को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की राय
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Azuria Capital LLC के संस्थापक और CEO ओटावियो कोस्टा के अनुसार यह बदलाव बहुत बड़ा हो सकता है। उन्होंने इसे 1970 के दशक जैसी स्थिति से तुलना करते हुए कहा कि यह वैश्विक आर्थिक संतुलन में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो सकती है। उनका मानना है कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।
सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल
सोने की कीमतों में भी पिछले एक साल में भारी तेजी देखी गई है। गोल्ड स्पॉट यूएस डॉलर की कीमत में करीब 53% की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह 18.6% बढ़ा है। फिलहाल सोने की कीमत करीब 4,712 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। हालांकि हाल ही में यह थोड़ा गिरकर नीचे आया है, लेकिन इसका पिछला रिकॉर्ड 5,595 डॉलर प्रति औंस रहा है।
निवेशकों के लिए संकेत
एक्सपर्ट्स का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद से यह साफ संकेत मिलता है कि सोना आने वाले समय में भी एक सुरक्षित निवेश बना रहेगा। खासकर वैश्विक अनिश्चितता, युद्ध और आर्थिक तनाव के बीच सोने की मांग और कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए गोल्ड और उससे जुड़े निवेश विकल्पों पर नजर रखना फायदेमंद साबित हो सकता है।
