देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में करोड़ों लोग अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रीमियम जमा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके द्वारा हर महीने या साल में जमा किया जाने वाला यह प्रीमियम का पैसा एलआईसी आखिर कहां इन्वेस्ट करती है और कैसे उस पर मुनाफा कमाकर आपको गारंटीड रिटर्न या बोनस देती है? इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत एलआईसी को पॉलिसीधारकों के पैसे को बेहद सुरक्षित और संतुलित पोर्टफोलियो में निवेश करना होता है।
आपके पैसों का कहां इस्तेमाल करती है LIC?
एलआईसी इस रकम को किसी एक जगह लगाने के बजाय सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities), शेयर बाजार (Stock Market), कॉरपोरेट बॉन्ड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में रणनीतिक रूप से बांटकर निवेश करती है ताकि जोखिम कम से कम रहे और रिटर्न अधिकतम मिले।
LIC कहां लगाती है पैसा?
पॉलिसीधारकों के फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एलआईसी अपने कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का सबसे बड़ा हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स और केंद्र व राज्य सरकारों की सिक्योरिटीज में लगाती है। कुल निवेश का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं सुरक्षित सरकारी साधनों में जाता है, जिससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रेलवे, पावर और हाईवे प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिलती है। इसके अलावा, एलआईसी अपनी कुल निवेश पूंजी का एक तय हिस्सा (लगभग 20 से 25 प्रतिशत) भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड मजबूत और लार्ज-कैप कंपनियों में लगाती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसी दिग्गज कंपनियों में एलआईसी बड़े शेयरधारक के रूप में शामिल है। जब शेयर बाजार में तेजी आती है, तो एलआईसी अपने इस इक्विटी पोर्टफोलियो से बंपर मुनाफा कमाती है, जिसका सीधा फायदा पॉलिसीधारकों को रिवर्जनरी बोनस (Reversionary Bonus) या फाइनल एडिशन बोनस के रूप में मिलता है।
यहां भी LIC लगाती है पैसा
शेयर बाजार और सरकारी बॉन्ड्स के अलावा एलआईसी का कुछ हिस्सा कॉरपोरेट डिबेंचर्स, कमर्शियल पेपर्स और रियल एस्टेट संपत्तियों में भी लगा होता है। एलआईसी के निवेश का पूरा ढांचा जोखिम प्रबंधन (Risk Management) पर आधारित होता है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आने पर भी सरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाला निश्चित ब्याज फंड को स्थिरता प्रदान करता है। यही कारण है कि बाजार की हर मंदी के दौरान भी एलआईसी अपने ग्राहकों को तय रिटर्न और डेथ क्लेम का समय पर भुगतान करने में सक्षम रहती है। संक्षेप में कहें तो, आपके दिए गए प्रीमियम का इस्तेमाल देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के साथ-साथ आपके भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।
