RBI Governor On Digital Rupee: भारत कब अपना डिजिटल रुपया लांच करेगा। और इसको लेकर क्या तैयारी है, ET Now के इस सवाल पर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हमें इसको लेकर कोई हड़बड़ी नहीं है। डिजिटल रुपया (CBDC)को लेकर पॉयलट प्रोजेक्ट चल रहा है। और बड़ी संख्या में रिटेल उपभोक्ता से मर्चेंट तक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। आरबीआई इस दौरान सभी चीजों को परख रहा है। जब वह पूरी तरह सुरक्षित होगा और हमें लगेगा कि अब बाजार में उतरने लायक भरोसेमंद हो गया है। उस समय हम इसे लांच करेंगे। फिलहाल हमने कोई डेडलाइन या टारगेट तय नहीं कर रखा है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
47 लाख लोग कर रहे हैं इस्तेमाल
आरबीआई गवनर्रन शक्तिकांत दास ने ET Now और ET Now स्वदेश के एडिटर इन चीफ निकुंज डालमिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि इस समय डिजिटल रुपये को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। और बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब 43 लाख रिटेल यूजर और 4 लाख मर्चेंट इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस दौरान हम सेफ्टी, स्पीड सभी चीजों का अध्ययन कर रहे हैं। यह एक ऐसा प्रोडक्ट है जो हम खुद डेवलप कर रहे हैं। जब हमें सुरक्षा और दूसरे पहलुओं पर भरोसा हो जाएगा। उसके बाद ही इसे लांच किया जाएगा।
क्या इसके लिए कोई डेडलाइन तय है
इस सवाल पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इसके लिए हमने कोई डेडलाइन और टारगेट फिक्स नहीं किया है। जब पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और जब आरबीआई को पूरा भरोसा हो जाएगा, उसके बाद डिजिटल करंसी को लांच किया जाएगा। फिलहाल इसकी डेडलाइन और टारगेट के बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया डिजिटल रुपया
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 8 बैंकों के जरिए डिजिटल रुपया उपलब्ध कराया गया है। डिजिटल रुपए की शुरुआत 1 नवंबर 2022 को की गई। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में ये सुविधा शुरू की गई। दूसरे चरण में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला में डिजिटल रुपया शुरू की गई। हालांकि आरबीआई ने अभी इसे पूरी तरह से लॉन्च किया है।
क्या है डिजिटल रुपया?
डिजिटल रुपया यानी ई-रुपया, भारतीय करेंगी का इलेक्ट्रॉनिक रूप है। डिजिटल रुपया पूरी तरह से लॉन्च हो जाएगा तब नोट और सिक्कों की जरुरत नहीं होगी। इसके इस्तेमाल के लिए हर तरह के ट्रांजेक्शन में आसानी होगी। डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
