PPF और 5 तारीख का क्या है कनेक्शन? निवेश तो करते हैं लेकिन नहीं जानते होंगे कारण

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 19, 2026, 11:41 AM IST

पीपीएफ (PPF) निवेश का एक ऐसा माध्यम है जहां सुरक्षा और टैक्स बचत दोनों मिलते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक दिन की देरी आपको लाखों का नुकसान पहुंचा सकती है? पीपीएफ का '5 तारीख वाला नियम' आपके मुनाफे को तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। अगर आप महीने की 5 तारीख के बजाय 6 तारीख को पैसा जमा करते हैं, तो आप उस पूरे महीने का ब्याज गंवा देते हैं।

भारत में सुरक्षित भविष्य और शानदार बचत के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) मिडिल क्लास की पहली पसंद रहा है। सरकारी गारंटी और टैक्स फ्री रिटर्न इसे 'निवेश का राजा' बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीपीएफ में निवेश करने का भी एक खास समय होता है? जी हां, पीपीएफ का '5 तारीख वाला नियम' (5th Date Rule) इतना शक्तिशाली है कि यह आपके 15 साल के निवेश सफर में ₹1,00,000 से भी ज्यादा का मुनाफा दे सकता है। अगर आप महीने की 5 तारीख के बजाय 6 तारीख को पैसा जमा करते हैं, तो सिर्फ 24 घंटे की यह देरी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।

PPF

क्या है पीपीएफ का 5 तारीख वाला नियम?

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि पीपीएफ में पैसा जब भी जमा करें, ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन हकीकत इससे अलग है। पीपीएफ में ब्याज की गणना महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी तारीख के बीच मौजूद 'न्यूनतम बैलेंस' (Minimum Balance) पर की जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप महीने का ब्याज पाना चाहते हैं, तो आपका पैसा 5 तारीख की रात 11:59 बजे तक खाते में क्रेडिट हो जाना चाहिए। अगर आप 6 तारीख को पैसा जमा करते हैं, तो सरकार उस पूरे महीने का ब्याज आपको नहीं देगी। आपकी उस रकम पर ब्याज की गणना अगले महीने से शुरू होगी। इस तरह सिर्फ एक दिन की देरी आपके पूरे एक महीने की कमाई को शून्य कर देती है।

End of Feed