SME & Main Board IPO Difference: एसएमएई और मेनबोर्ड के आईपीओ में क्या है अंतर, जानें कहां लगाना पड़ता है ज्यादा पैसा

SME IPO & Main Board IPO Difference: मेनबोर्ड आईपीओ अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों के पब्लिक इश्यू होते हैं, जबकि एसएमई आईपीओ ग्रोथ पोटेंशियल ऑफर करते हैं लेकिन उनमें हाई रिस्क होता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • दो तरह के होते हैं आईपीओ
  • एसएमई और मेनबोर्ड कैटेगरी हैं शामिल
  • एसएमई में करना होता है ज्यादा निवेश

SME IPO & Main Board IPO Difference: इस समय शेयर बाजार में तेजी का दौर है और इस बीच कई कंपनियां अपने-अपने आईपीओ इश्यू ला रही हैं। आईपीओ लाने के लिए कंपनियां शेयर बाजार में तेजी को बेहतर समझती हैं, क्योंकि तब निवेशक जमकर उनमें पैसा लगाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि आईपीओ दो तरह के होते हैं। इनमें एसएमई (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज) और मेनबोर्ड के आईपीओ शामिल हैं। स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज के नाम से ही जाहिर है कि ये छोटी कंपनियां होती हैं। वहीं मेनबोर्ड की कंपनियां साइज में बड़ी होती हैं।

क्या है अंतर

मेनबोर्ड आईपीओ अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों के पब्लिक इश्यू होते हैं, जबकि एसएमई आईपीओ ग्रोथ पोटेंशियल ऑफर करते हैं लेकिन उनमें हाई रिस्क होता है। एसएमई आईपीओ के साथ आप कंपनी की विकास यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए सेक्टर (जिस सेक्टर की कंपनी है) की गहरी समझ और जोखिम सहने की क्षमता होनी चाहिए।

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