ईरान और रूस के तेल में क्या है अंतर? क्यों इतना खास है ईरान का तेल

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  • Updated Mar 15, 2026, 02:20 PM IST

दुनिया के एनर्जी मार्केट में ईरान और रूस दोनों ही बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन इनके कच्चे तेल (Crude Oil) की क्वालिटी में ज़मीन-आसमान का अंतर है। ईरान का तेल अपनी 'प्रीमियम क्वालिटी' और कम लागत में रिफ़ाइन होने की खूबी के कारण दुनिया भर की रिफ़ाइनरियों की पहली पसंद बना हुआ है, वहीं रूस का तेल अपनी अलग विशेषताओं के लिए जाना जाता है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेल केवल एक ईंधन नहीं बल्कि कूटनीति का सबसे बड़ा हथियार है। जब भी मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है या अमेरिका किसी देश पर प्रतिबंध लगाता है, तो ईरान के तेल की चर्चा सबसे ज्यादा होती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि कच्चा तेल (Crude Oil) हर जगह एक जैसा ही होता होगा, लेकिन हकीकत में ईरान और रूस के तेल में जमीन-आसमान का अंतर है। इसकी गुणवत्ता (Quality) ही वह वजह है जिसके कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर चीन तक, हर कोई ईरान के तेल सप्लाई पर पैनी नजर रखता है। आइए बताते हैं कि ईरान का तेल इतना खास क्यों है और यह रूस के तेल से कैसे अलग है।

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ईरान का तेल

'लाइट और स्वीट' का जादू ईरान के तेल की सबसे बड़ी खासियत इसका 'लाइट' (Light) और 'स्वीट' (Sweet) होना है। विज्ञान की भाषा में कहें तो जिस तेल में सल्फर की मात्रा कम होती है, उसे 'स्वीट क्रूड' कहा जाता है। ईरान का कच्चा तेल रिफाइन करना बहुत आसान होता है। इसे कम मेहनत और कम खर्च में पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे कीमती उत्पादों में बदला जा सकता है। ईरान का 'ईरानियन लाइट' ग्रेड दुनिया के सबसे बेहतरीन तेल ग्रेड्स में गिना जाता है। यही कारण है कि भारतीय रिफाइनरियां ईरान के तेल को सबसे ज्यादा पसंद करती हैं, क्योंकि इससे मशीनरी पर बोझ कम पड़ता है और आउटपुट ज्यादा मिलता है।

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