पैक्ड फूड आइटम या राशन का सामान खरीदते समय हर ग्राहक पैकेट के पीछे छपी तारीखें जरूर देखता है। हालांकि, ज्यादातर लोग 'Best Before' और 'Expiry Date' को एक ही मान लेने की गलती करते हैं। इस भ्रम के कारण लोग अक्सर ऐसा खाना भी कचरे में फेंक देते हैं जो पूरी तरह से सुरक्षित और खाने योग्य होता है। इसी भोजन की बर्बादी को रोकने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूड लेबल्स को ध्यान से पढ़ने और उनके सही मतलब को समझने की अपील की है।
'Best Before' और 'Expiry Date' में क्या है अंतर?
बेस्ट बिफोर का क्या है मतलब?
'Best Before' (उपयोग करने की आदर्श तिथि) का सीधा संबंध भोजन की गुणवत्ता (Quality) और स्वाद से होता है, न कि उसकी सुरक्षा (Safety) से। इसका मतलब यह है कि पैकेट पर दी गई तारीख तक खाद्य पदार्थ का स्वाद, सुगंध, कुरकुरापन और पोषक तत्व अपने सबसे उत्तम स्तर पर रहेंगे। यदि यह तारीख निकल भी जाती है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खाना जहरीला या खराब हो गया है। अगर पैकेट सही तरीके से स्टोर किया गया है और सीलबंद है, तो 'Best Before' डेट निकलने के कुछ दिनों बाद भी उसे बेझिझक खाया जा सकता है, हालांकि उसके स्वाद या रंग में मामूली बदलाव आ सकता है।
दूसरी तरफ, 'Expiry Date' या 'Use By Date' (अंतिम तिथि) का सीधा संबंध स्वास्थ्य और सुरक्षा (Safety) से होता है। यह लेबल आमतौर पर जल्दी खराब होने वाली चीजों जैसे दूध, ब्रेड, पनीर, मीट, बेबी फूड और दवाइयों पर लिखा जाता है। इस तारीख के बीत जाने के बाद उत्पाद में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है और उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, भले ही वह देखने या सूंघने में ठीक ही क्यों न लग रहा हो।
FSSAI का क्या है कहना?
FSSAI का मानना है कि 'Best Before' और 'Expiry Date' के बीच के बारीक अंतर को समझकर देश में हर दिन होने वाली टन भारी भोजन की बर्बादी (Food Waste) को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक जागरूक ग्राहक के तौर पर सामान खरीदते और इस्तेमाल करते समय लेबल्स पर लिखे स्टोरेज निर्देशों (जैसे Keep Refrigerated) का पालन करें। तारीख निकलते ही बिना जांचे खाना फेंकने के बजाय समझदारी से फैसला लें, जिससे आपके पैसे भी बचेंगे और भोजन की बर्बादी भी रुकेगी।
