Shree Anna: जानिए क्या है'श्री अन्न' जिसका वित्त मंत्री ने बजट में किया जिक्र, सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है चर्चा

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Feb 1, 2023, 02:03 PM IST

Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में श्रीअन्न (Shree Anna) का जिक्र किया। यहां हम आपको बता रहे हैं कि श्रीअन्न क्या है और उसे प्रमोट करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

What is Shree Anna: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट (Budget 2023) पेश किया। मोदी सरकार (Modi Govt) के दूसरे कार्यकाल इस आखिरी पूर्ण बजट में वित्त मंत्री ने श्री अन्न का जिक्र किया और विस्तार से इस योजना के बारे में जानकारी दी। श्री अन्न को देवान्न भी कहा जाता है जो मोटे अनाजों से संबंधित होता है। प्रधानमंत्री ने इसे लेकर कहा था, 'भारत मिलेट्स (Millets) को लोकप्रिय बनाने के कार्य में सबसे आगे है जिसका खपत से पोषण, खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण को बढ़ावा मिलता है।'

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वित्त मंत्री ने बजट में किया श्री अन्न का जिक्र

क्या है श्री अन्न

मोटे अनाजों को 'श्री अन्न कहा जाता है जो अनाजों में सबसे हेल्दी माना जाता है और कोरोना काल में एक इम्युनिटी बूस्टर के रूप में इसके ताकत की खूब चर्चा हुई थी। भारत दुनिया में श्री अन्न का सबसे बड़ा उत्पादक और दूसरे सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत में कई प्रकार के श्री अन्न अगाए जाते हैं जिनमें ज्वार, रागी, बाजरा, कुट्टू, रामदाना, कंगनी, कुटकी, कोदो, चीनी, मडुआ और सामा आदि शामिल हैं।

क्या हैं फायदे

श्री अन्न के कई फायदे हैं। यह एक ताकतवर अनाज के रूप में जाना जाता है और श्री अन्न शरीर को कई फायदे पहुंचाते हैं। गेहूं और चावल की तुलना में एंजाइम, विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसके ढेरों फायदे हैं और यह सदियों से हमारे भोजन का मुख्य अंग बन रहे हैं। पोषक तत्वों से भरपूर ये अनाज कई रोगों को ठीक करने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा ये अनाज वजन कम करने और स्वस्थ्य ह्रदय के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। हाल के दिनों में सरकार ने इसे प्रमोट करने के लिए खूब प्रयास किए। अंग्रेजी में इसे मिलैट्स के रूप में भी जाना जाता है। वित्त भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा, 'इन श्री अन्न को अब बड़े स्तर पर अपने भोजन का अंग बनाने की तैयारी पर काम किया जाएगा। इसके लिए हैदराबाद के भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने की तैयाारी है।'

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