Microsoft $25 Billion Bond Sale: माइक्रोसॉफ्ट के एक साथ उठाए गए दो बड़े कदमों ने टेक इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है। कंपनी एक तरफ अपने करीब 60,000 कर्मचारियों को वॉलेंटरी एक्जिट ऑफर (VEO) दे रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी बॉन्ड मार्केट से $25 बिलियन (करीब ₹2.37 लाख करोड़) जुटा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब कंपनी कर्मचारियों को बाहर जाने का विकल्प दे रही है, तब उसे इतनी बड़ी रकम उधार लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
बॉन्ड के जरिये उधार जुटा रही कंपनी
इसका सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग का तेजी से बढ़ता कारोबार है। Microsoft को AI सेवाओं की मांग पूरी करने के लिए डेटा सेंटर, सर्वर और कंप्यूटिंग क्षमता पर भारी निवेश करना पड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि Azure की मांग उपलब्ध क्षमता से ज्यादा है। हालांकि, बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने और कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर देने के फैसलों को कंपनी ने एक-दूसरे से जुड़ा हुआ नहीं बताया है।
AI पर 170 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी
Microsoft ने AI की बढ़ती मांग को देखते हुए अपने निवेश का आकार काफी बढ़ा दिया है। कंपनी को AI मॉडल चलाने, ट्रेनिंग देने और Azure क्लाउड सेवाओं के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता तैयार करनी पड़ रही है। इसके लिए नए डेटा सेंटर, GPU, CPU, सर्वर और नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है।
कंपनी ने पहले कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए करीब $175 बिलियन के पूंजीगत खर्च (CapEx) का अनुमान दिया था। हालांकि, 28 अक्टूबर को जारी ताजा गाइडेंस में इसे घटाकर करीब $170 बिलियन कर दिया गया। इसकी वजह कुछ थर्ड पार्टी इंफ्रास्ट्रक्चर डिलीवरी में देरी बताई गई है।
इस निवेश के पीछे कारोबार में तेजी भी है। माइक्रोसॉफ्ट के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Azure (अज्यूर) का रेवेन्यू 48% बढ़कर $33.17 बिलियन पहुंच गया। कंपनी का कुल रेवेन्यू 20% बढ़कर $92.28 बिलियन रहा। CFO एमी हुड (Amy Hood) के मुताबिक अज्यूर में मांग अभी भी उपलब्ध सप्लाई से ज्यादा है।
उधार क्यों जुटा रही पैसे?
कंपनी ने 29 अक्टूबर को $25 बिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की प्राइसिंग की घोषणा की। यह 10 अलग-अलग ट्रांच में जारी किए गए हैं। इनकी मैच्योरिटी 2028 से लेकर 2066 तक है। फिक्स्ड रेट बॉन्ड पर ब्याज दर 4.85% से 6.35% तक रखी गई है।
इस बॉन्ड इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी भी काफी ज्यादा रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब $115 बिलियन के ऑर्डर मिले, जो कंपनी के प्रस्तावित इश्यू साइज से लगभग 4.6 गुना हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने इससे पहले 2017 में अमेरिकी इन्वेस्टमेंट ग्रेड मार्केट से करीब $17 बिलियन जुटाए थे।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बॉन्ड से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर, वर्किंग कैपिटल, शेयर बायबैक, अधिग्रहण और पुराने कर्ज का भुगतान शामिल हो सकता है। यानी पूरी रकम सिर्फ AI प्रोजेक्ट्स के लिए तय नहीं की गई है।
60,000 कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर क्यों?
माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्टूबर को VEO की घोषणा की थी। इसके तहत अमेरिका, भारत, ब्रिटेन और कनाडा में चुनिंदा टीमों के लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। कंपनी में जून 2026 तक करीब 2,23,000 कर्मचारी थे। इनमें से लगभग 60,000 कर्मचारी इस ऑफर के लिए पात्र बताए गए हैं। हालांकि, Microsoft को उम्मीद है कि 3,000 या इससे कम कर्मचारी ही इसका विकल्प चुनेंगे। यह पात्र कर्मचारियों का करीब 5% है।
