एल्युमीनियम फॉयल क्या है? भारत ने चीन समेत 4 देशों पर और 5 साल के लिए क्यों लगाया डंपिंग-रोधी शुल्क

Aluminium Foil: वाणिज्य मंत्रालय के DGTR ने घरेलू उद्योगों को नुकसान से बचाने के लिए चीन, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से आने वाले एल्युमीनियम फॉयल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी 5 साल बढ़ाने की सिफारिश की है।

Aluminium Foil : भारत सरकार देश के घरेलू उद्योगों को विदेशी कंपनियों के अनुचित व्यापार से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने चीन, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से भारत आने वाले 'एल्युमीनियम फॉयल' पर डंपिंग-रोधी शुल्क (Anti-Dumping Duty) को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की सिफारिश की है। यह सिफारिश 80 माइक्रोन या उससे कम मोटाई वाले एल्युमीनियम फॉयल पर लागू होगी। DGTR की जांच में पाया गया कि इन देशों से बेहद सस्ते दामों पर माल भारत भेजा जा रहा है, जिससे भारतीय कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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चीन समेत 4 देशों से आने वाले एल्युमीनियम फॉयल पर 5 साल और लगेगा एंटी-डंपिंग शुल्क (तस्वीर-istock)

क्या होता है एल्युमीनियम फॉयल और क्यों पड़ी इस पर शुल्क की जरुरत?

एल्युमीनियम फॉयल धातु की बेहद पतली और लचीली शीट होती है, जिसका उपयोग हम आमतौर पर घरों और होटलों में खाना पैक करने, दवाइयों की पैकिंग और कॉस्मेटिक सामान को सुरक्षित रखने के लिए करते हैं। जब कोई विदेशी देश अपने यहां बनने वाले इस सामान को असली लागत से भी कम कीमत पर भारतीय बाजार में बेचने लगता है, तो इसे 'डंपिंग' कहा जाता है। इस सस्ते आयात के कारण भारत की स्थानीय कंपनियां प्रतिस्पर्धा नहीं कर पातीं और उनका कारोबार ठप होने लगता है। इसी नुकसान से भारतीय उद्योगों को सुरक्षा देने के लिए सरकार आयातित सामान पर अतिरिक्त कर यानी 'डंपिंग-रोधी शुल्क' लगाती है।

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