नौकरी बदलना करियर में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कदम होता है, लेकिन अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं, तो मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि पुराने एम्प्लॉयर (कंपनी) के साथ जमा हुए पेंशन फंड का क्या होगा? NPS को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि नौकरी बदलने पर भी आपके रिटायरमेंट सेविंग्स पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। पेंशन फंड नियामक (PFRDA) के नियमों के अनुसार, आपका NPS अकाउंट पूरी तरह से पोर्टेबल होता है। आइए समझते हैं कि जॉब चेंज के दौरान आपको अपने कॉर्पोरेट NPS अकाउंट के प्रबंधन के लिए किन मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए।
जॉब स्विच के बाद भी नहीं रुकेगी पेंशन! ऐसे ट्रांसफर करें अपना NPS और PRAN अकाउंट
कॉर्पोरेट NPS क्या है और इसके फायदे
कॉर्पोरेट NPS मॉडल के तहत कंपनियां अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट बेनिफिट के रूप में NPS में निवेश की सुविधा देती हैं। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर या कोई एक योगदान दे सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी को अपने NPS योगदान पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके साथ ही, एम्प्लॉयर द्वारा किया गया योगदान आपके रिटायरमेंट कॉर्पस को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है। चूंकि NPS में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का फायदा मिलता है, इसलिए लंबे समय तक नियमित योगदान से एक बड़ा फंड तैयार हो जाता है।
नौकरी बदलने पर आपके PRAN का क्या होता है?
NPS की सबसे बड़ी खासियत इसका PRAN (Permanent Retirement Account Number) है। यह 12 अंकों का यूनिक नंबर हर यूजर का जीवनभर एक ही रहता है। नौकरी बदलने पर आपको नया NPS अकाउंट या नया PRAN खुलवाने की बिल्कुल जरुरत नहीं होती। आपका पूरा जमा पैसा आपके PRAN में सुरक्षित रहता है और निवेश प्रक्रिया जारी रहती है। नई कंपनी में जाने पर बस आपको अपने मौजूदा PRAN को नए एम्प्लॉयर के साथ मैप (अटैच) कराना होता है। नया अकाउंट खोलना सबसे आम गलतियों में से एक है, जिससे बचना चाहिए।
नई कंपनी भी Corporate NPS देती है तो क्या करें?
अगर आपकी नई कंपनी भी अपने कर्मचारियों को कॉर्पोरेट NPS की सुविधा प्रदान करती है, तो शिफ्टिंग की प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए आपको नई कंपनी के HR या NPS नोडल ऑफिसर से संपर्क करना होगा। अगर आप किसी दूसरे सेक्टर से आ रहे हैं तो आपको ISS-1 फॉर्म भरना होगा, और अगर आप एक कॉर्पोरेट से दूसरे कॉर्पोरेट में शिफ्ट हो रहे हैं तो CS-S3 फॉर्म जमा करना होगा। फॉर्म प्रोसेस होते ही आपका मौजूदा PRAN नई कंपनी से जुड़ जाएगा और आपकी सैलरी से NPS का कटौती और कंपनी का योगदान दोबारा शुरू हो जाएगा।
अगर नई कंपनी में Corporate NPS की सुविधा न हो?
अगर आपकी नई कंपनी कॉर्पोरेट NPS ऑफर नहीं करती है, तब भी आपका NPS अकाउंट बंद नहीं होगा और न ही जमा पैसा फंसेगा। ऐसे मामले में आप अपने अकाउंट को 'Corporate Sector' से 'All Citizen Model' (आम नागरिक मॉडल) में ट्रांसफर करा सकते हैं। इसके बाद आप अपनी इच्छानुसार खुद सीधे अपने NPS अकाउंट में योगदान (Individual Contribution) जारी रख सकते हैं। इस स्थिति में केवल कंपनी की ओर से आने वाला अंशदान रुक जाएगा, लेकिन आपका फंड और उस पर मिलने वाला रिटर्न पहले की तरह बनता रहेगा।
क्या पुराना जमा पैसा या बेनिफिट्स लैप्स हो सकते हैं?
कई लोगों को डर होता है कि पुरानी कंपनी छोड़ने पर उनका पेंशन फंड जब्त हो सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। जो योगदान एक बार आपके NPS अकाउंट में क्रेडिट हो चुका है, वह पूरी तरह से आपका है। नौकरी छोड़ने से सिर्फ भविष्य में आने वाला एम्प्लॉयर कॉन्ट्रिब्यूशन रुकता है, पुराना फंड सुरक्षित रहता है। अगर किसी कारणवश नई कंपनी में शिफ्टिंग में समय लगता है या योगदान में कुछ महीनों का गैप आ जाता है, तब भी आपका जमा पैसा बाजार में इन्वेस्टेड रहेगा और उस पर रिटर्न मिलता रहेगा। हालांकि, लंबे गैप से बचने की सलाह दी जाती है ताकि रिटायरमेंट कॉर्पस पर असर न पड़े।
फंड मैनेजर बदलने और विदेश शिफ्ट होने के नियम
नौकरी बदलने के साथ ही NPS का पेंशन फंड मैनेजर (PFM) या एसेट एलोकेशन (इक्विटी और डेट का अनुपात) अपने आप नहीं बदलता। आप चाहें, तो NPS नियमों के तहत अपना फंड मैनेजर या निवेश विकल्प (Auto/Active Choice) खुद बदल सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप काम के सिलसिले में विदेश (NRI/OCI) शिफ्ट हो रहे हैं, तब भी आपका PRAN एक्टिव रहेगा। बस आपको अपनी नई आवासीय स्थिति और बैंक डिटेल्स के अनुसार अकाउंट अपडेट कराना होगा।
जॉब चेंज के दौरान NPS से जुड़ा जरूरी चेकलिस्ट
नौकरी बदलते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप किसी भी परेशानी से बच सकते हैं। पुरानी कंपनी छोड़ने से पहले यह जांच लें कि आपका अंतिम NPS अंशदान अकाउंट में जमा हुआ है या नहीं। नई कंपनी जॉइन करते ही पता करें कि वहां कॉर्पोरेट NPS की सुविधा है या नहीं। अगर सुविधा है, तो तुरंत शिफ्टिंग फॉर्म (CS-S3/ISS-1) भरकर जमा करें; अगर नहीं है, तो All Citizen Model चुनें। जॉब चेंज के समय अपने NPS अकाउंट में नॉमिनी, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पते की जानकारी जरूर री-वेरिफाई और अपडेट करें। कभी भी एक से अधिक PRAN जनरेट न करें, यह नियमों के खिलाफ है।
