भारत में डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा चेहरा बने यूपीआई (UPI) ने कैश में लेनदेन करने के पुराने तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। चाय के टपरी वाले से लेकर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स तक, अब हर जगह बारकोड स्कैन करके ही भुगतान किया जा रहा है। हाल ही में जारी हुए ताजा आंकड़ों से यह बेहद दिलचस्प खुलासा हुआ है कि भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स यूपीआई के जरिए अपनी जेब से सबसे ज्यादा पैसा कहां और किस कैटेगरी की चीजों को खरीदने में खर्च कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा UPI का कहां हो रहा इस्तेमाल?
आंकड़ों के मुताबिक, देश में यूपीआई से होने वाले सबसे ज्यादा बारकोड स्कैन किराने का सामान (Grocery) और दैनिक जरूरतों (Daily Essentials) की दुकानों पर हो रहे हैं। दूध, फल, सब्जियां और घर का राशन खरीदने के लिए लोग अब पर्स निकालने के बजाय सीधा मोबाइल ऐप खोलकर स्कैनर कोड स्कैन कर रहे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा खर्च फास्ट फूड, रेस्टोरेंट, कैफे और लोकल खाने-पीने की दुकानों पर दर्ज किया गया है। छोटे-मोटे स्नैक्स से लेकर बड़े फैमिली डिनर तक का बिल चुकाने में डिजिटल पेमेंट पहली पसंद बन गया है।
यहां भी खटाखट हो रहा पेमेंट
दिलचस्प बात यह है कि खरीदारी के अलावा फायदेमंद और छोटे इंवेस्टमेंट्स में भी यूपीआई का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) की खरीदारी, म्यूचुअल फंड्स की एसआईपी (SIP) भरने और शेयर्स में पैसा लगाने के लिए लोग लगातार यूपीआई पेमेंट ऑप्शंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल, ईंधन (Petrol/Diesel) और ई-कॉमर्स साइट्स से ऑनलाइन शॉपिंग के लिए पेमेंट करने की कैटेगरी में भी यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या में भारी उछाल आया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई (NPCI) के निरंतर प्रयासों से यूपीआई पेमेंट सिस्टम काफी सुरक्षित और सुपरफास्ट हो गया है। बहुत कम अमाउंट के ट्रांजैक्शंस के लिए 'UPI Lite' जैसे फीचर्स ने बिना पिन दर्ज किए तुरंत पेमेंट करने की सुविधा दी है, जिससे बारकोड स्कैनिंग का अनुभव और आसान हो गया है। जानकारों का मानना है कि छोटे मर्चेंट्स (Tier 2 और Tier 3 शहरों) में क्यूआर (QR) कोड्स के बढ़ते प्रसार के कारण आने वाले समय में कैश पेमेंट लगभग न के बराबर रह जाएगा।
