ईरान और इजराइल के बीच चल रहे भयानक युद्ध की लपटें अब आसमान तक पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र (Airspace) में पाबंदियों और सुरक्षा कारणों से भारतीय एयरलाइंस ने 1 मार्च 2026 को रिकॉर्ड 350 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं। इस अप्रत्याशित संकट के कारण हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए हैं। पैसेंजर्स की परेशानी को देखते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने एयरलाइंस के साथ मिलकर यात्रियों की मदद और रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं।
ऐसे मिलेगा रिफंड
अगर आपकी फ्लाइट भी इस तनाव की वजह से कैंसिल हुई है, तो एयरलाइंस आपको पूरी फ्लेक्सिबिलिटी दे रही हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित यात्री दो मुख्य विकल्प चुन सकते हैं. पूरा रिफंड (Full Refund) अगर आप यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो आप अपनी टिकट के पैसे का पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगेगा। फ्लाइट रीशेड्यूल (Reschedule), यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क (Extra Charge) के अपनी उड़ान को किसी दूसरी तारीख के लिए बुक कर सकते हैं।
एयर इंडिया (Air India): एयरलाइंस ने प्रभावित इंटरनेशनल सेक्टर्स के लिए छूट और फ्लेक्सिबिलिटी 7 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है जिन्होंने 28 फरवरी 2026 या उससे पहले टिकट बुक की थी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express): बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई की उड़ानों पर लगी रोक को 2 मार्च 2026 की रात तक बढ़ा दिया गया है। एयरलाइन 5 मार्च तक की बुकिंग के लिए बिना किसी फीस के रीशेड्यूल या रिफंड दे रही है।
इंडिगो (IndiGo): इंडिगो ने भी अपने यात्रियों को प्रभावित बुकिंग पर दूसरी फ्लाइट चुनने या पूरा रिफंड लेने की सुविधा दी है।
स्पाइसजेट (SpiceJet): एयरलाइन ने 2 मार्च 2026 के लिए भारत और UAE के बीच 33 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं।
एयरपोर्ट्स पर हाई अलर्ट और टर्मिनल मैनेजमेंट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि पैसेंजर्स को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रमुख भारतीय हवाई अड्डे, विशेष रूप से दिल्ली और मुंबई, ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं। संघर्ष के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर 100 और मुंबई हवाई अड्डे पर 125 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। वरिष्ठ अधिकारी जमीन पर तैनात हैं ताकि टर्मिनल क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) को ठीक से संभाला जा सके और यात्रियों को सही जानकारी मिल सके।
