Vodafone-Indus Tower: यूके की वोडाफोन ग्रुप पीएलसी इंडस टावर्स में अपनी बची हुई 3% हिस्सेदारी 300 मिलियन डॉलर (करीब 2542 करोड़ रु) से अधिक की ब्लॉक डील में बेच रही है और भारतीय टावर कंपनी से पूरी तरह से बाहर निकल रही है, जो अब भारती एयरटेल की सब्सिडियरी कंपनी है। वोडाफोन ने कहा कि इंडस में हिस्सेदारी बेचकर आने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी के मौजूदा उधारदाताओं को 101 मिलियन डॉलर (करीब 856 करोड़ रु) का बकाया उधार चुकाने के लिए किया जाएगा। इसके बाद, वोडाफोन बाकी पैसे (लगभग 200 मिलियन डॉलर) का उपयोग वोडाफोन आइडिया (Vi) में नए इक्विटी निवेश के लिए करेगी, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप के साथ इसका इंडियन टेलीकॉम जॉइंट वेंचर है। इससे वीआई इंडस का बकाया चुका सकेगी।
इंडस टावर्स में हिस्सा बेचेगी Vodafone
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वीआई पर इंडस का कुल बकाया
कर्ज में डूबी वीआई ने सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही तक इंडस को अपने बकाया में से 2,328.2 करोड़ रु का भुगतान कर दिया था। लेकिन वीआई पर इंडस का कुल बकाया अभी भी काफी अधइक है, जो लगभग 7,075 करोड़ रु है।
ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, "वोडाफोन ग्रुप पीएलसी ने घोषणा की है कि उसने इंडस में अपने बाकी 7.92 करोड़ शेयरों के लिए 'प्लेसिंग' शुरू कर दी है। यहां प्लेसिंग का अर्थ शेयरों की बिक्री से ही है।
वीआई का शेयर टूटा और इंडस टावर्स में मजबूती
इस खबर के बीच वीआई के शेयर में कमजोरी है। करीब 12 बजे वीआई का शेयर BSE पर 3.92 फीसदी गिरकर 8.08 रु पर है। वहीं इंडस टावर्स का शेयर 3 रु या 0.84 फीसदी की मजबूती के साथ 361.75 रु पर है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
