Multibagger stock: शेयर बाजार में निवेश करने वाले अधिकांश निवेशक मल्टीबैगर स्टॉक की तलाश में रहते हैं। वहीं, कई बार उनके नजरों के सामने हमेशा रहने वाला स्टॉक मल्टीबैगर बन जाता है। ऐसे ही एक स्टॉक की चर्चा इन दिनों हो रही है। कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया है। इस शेयर ने पिछले एक साल में 102% का बंपर रिटर्न दिया है।
वोडाफोन आईडिया शेयर
₹6.46 के लो के बाद लौटी तेजी
पिछले साल सितंबर में ₹6.46 प्रति शेयर के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, वोडाफोन आइडिया के शेयरों में एक साल से भी कम समय में लगभग 144% की तेजी आई है। पिछले सप्ताह ये ₹15.79 प्रति शेयर के 52-वीक हाई पर पहुंचा। कंपनी के शेयरों में यह तेजी कई राहत के बाद आया है। मई की शुरुआत में, टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने 31 दिसंबर तक टेलीकॉम कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया को 27% घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया, जिससे स्टॉक में तेजी लौटी। वहीं बाद में, कंपनी द्वारा अरबपति उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला को अपना नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाए जाने के बाद स्टॉक में बढ़त देखी गई। बिड़ला ने लगभग पांच साल पहले वित्तीय दबाव के कारण टेलीकॉम दिग्गज में इसी पद से इस्तीफा दिया था। जून में, वोडाफोन आइडिया ने यह भी घोषणा की कि उसने वारंट जारी करके प्रमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप से ₹1,182 करोड़ जुटाए हैं।
वहीं, यह भी जानकारी आई है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में कर्जदाताओं का एक समूह अब वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर की डेट फाइनेंसिंग देने पर सहमत हो गया है, ताकि कंपनी को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने में मदद मिल सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस कंसोर्टियम में अन्य स्थानीय कर्जदाताओं में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट शामिल हैं।
क्या आगे जारी रहेगी तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि तेज़ी का यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। एक्सपर्ट का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के शेयरों का टेक्निकल स्ट्रक्चर बुलिश हो गया है। इसके संकेत मंथली चार्ट पर लगातार 'हायर हाइज' (ऊंचे स्तर) बनने और एक मजबूत सपोर्ट जोन बनने से मिलते हैं। वहीं, पिछले हफ्ते जेफरीज ने इस टेलीकॉम ऑपरेटर के लिए 'बाय' रेटिंग और 20 रुपये प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया। इंटरनेशनल ब्रोकरेज वोडाफोन आइडिया को 'हाई-बीटा टर्नअराउंड' (तेजी से सुधार की संभावना) वाले मौके के तौर पर देख रही है। उम्मीद है कि सब्सक्राइबर की संख्या में स्थिरता, ऑपरेटिंग लेवरेज और टैरिफ बढ़ने से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी से कंपनी की रिकवरी में मदद मिलेगी।
(डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।)
