Vedanta Q4 Results: भारत की दिग्गज खनन कंपनी वेदांता ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए। वेदांता द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान वेदांता का नेट प्रॉफिट 57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,132 करोड़ रुपये रहा। बताया जा रहा है कि मुख्य रूप से एल्यूमिनियम का कारोबार सुस्त रहने से कंपनी के लाभ में गिरावट दर्ज की गई है। बताते चलें कि वेदांता ने शुक्रवार को शेयर बाजार को ये जानकारी दी।
कंपनी का सकल कर्ज बढ़कर 66,182 करोड़ रुपये हुआ
माइनिंग कंपनी वेदांता के रेवेन्यू में भी दर्ज की गई गिरावट
वेदांता ने इससे पहले वित्त वर्ष 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में वेदांता ने 7,261 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। माइनिंग कंपनी ने बताया कि चौथी तिमाही में उसके रेवेन्यू में भी 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी वजह से ये 37,225 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि वित्त वर्ष 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 39,342 करोड़ रुपये था।
अनिल अग्रवाल की कंपनी के सकल कर्ज में आया भारी उछाल
वेदांता के मुताबिक कंपनी का सकल कर्ज (Gross Debt) वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही में बढ़कर 66,182 करोड़ रुपये हो गया। बताते चलें कि वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में कंपनी का सकल कर्ज 51,109 करोड़ रुपये और दिसंबर तिमाही में 61,550 करोड़ रुपये था।
अगले 5 साल के लिए फिर डायरेक्टर नियुक्त किए गए नवील अग्रवाल और प्रिया अग्रवाल
वेदांता ने एक अन्य नोटिफिकेशन में बताया कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नवीन अग्रवाल और प्रिया अग्रवाल को और अगले 5 साल के लिए बतौर डायरेक्टर दोबारा नियुक्त किया है। जहां नवीन कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के भाई हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रिया अग्रवाल, अनिल अग्रवाल की बेटी हैं।
भाषा इनपुट्स के साथ
