Vedanta Demerger Plan: आखिर क्यों 1.65 लाख करोड़ की अच्छी-भली वेदांता के टुकड़े करने पर तुला ये अरबपति, क्या होगा फायदा

Vedanta Demerger Plan: वेदांता की मार्केट कैपिटल 1.65 लाख करोड़ रु है। मगर वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल कंपनी के टुकड़े करने जा रहे हैं। अनिल अग्रवाल दुनिया के टॉप अरबपतियों में शामिल हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 35000 करोड़ रु है। हालांकि अनिल अग्रवाल की धातु और खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता की डीमर्जर योजना रुक गई है।

KEY HIGHLIGHTS
  • Vedanta के डीमर्जर पर लगी रोक
  • इसी साल डीमर्जर पूरा होने की उम्मीद
  • वैल्यू अनलॉक होने का अनुमान

Vedanta Demerger Plan: वेदांता की मार्केट कैपिटल 1.65 लाख करोड़ रु है। मगर वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल कंपनी के टुकड़े करने जा रहे हैं। अनिल अग्रवाल दुनिया के टॉप अरबपतियों में शामिल हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 35000 करोड़ रु है। हालांकि अनिल अग्रवाल की धातु और खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता की डीमर्जर योजना रुक गई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एनसीएलटी ने वेदांता बेस मेटल्स की अघोषित देनदारी के कारण इसे रद्द कर दिया और इसका पूरी वैल्यू अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका डीमर्जर होगा और ये प्लान अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में पूरा हो सकता है।

Vedanta Demerger Plan

6 कंपनियों में बंटेगी वेदांता

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