भारत में तेजी से बढ़ेगा Aluminium का इस्तेमाल! Power Transmission से लेकर Grid Expansion तक बढ़ी जरूरत

भारत में Renewable Energy और Power Grid का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ Power Transmission में Aluminium की जरूरत भी बढ़ रही है। हल्का और बिजली पहुंचाने में उपयोगी होने के कारण आने वाले वर्षों में इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।

भारत में अक्षय ऊर्जा और बिजली पहुंचाने वाले नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ बिजली के तार, कंडक्टर और सबस्टेशन में इस्तेमाल होने वाले एल्युमीनियम की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में इसकी जरूरत और बढ़ सकती है। भारत में अक्षय ऊर्जा को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए बिजली पहुंचाने वाले नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ बिजली के तार, कंडक्टर, ट्रांसफॉर्मर और सबस्टेशन में इस्तेमाल होने वाले एल्युमीनियम की मांग बढ़ने की उम्मीद है। वेदांता एल्युमीनियम के मुताबिक, देश में जिस तेजी से बिजली से जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से खास किस्म के एल्युमीनियम की मांग बढ़ सकती है। कंपनी का कहना है कि वह इस बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है।

Aluminium

लगातार बढ़ रही है क्षमता

दरअसल, भारत में अक्षय ऊर्जा से बिजली बनाने की क्षमता लगातार बढ़ रही है। लेकिन सिर्फ बिजली पैदा करना ही काफी नहीं है। इसे उन राज्यों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मजबूत बिजली नेटवर्क की भी जरूरत होती है। इसी वजह से नई बिजली लाइनें, सबस्टेशन और ऊंचे वोल्टेज वाले गलियारे तैयार किए जा रहे हैं। ICRA के जून 2026 के आकलन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 से 2032 के बीच भारत में बिजली पहुंचाने के क्षेत्र में 5 से 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है। यह निवेश एल्युमीनियम की मांग को भी बढ़ावा दे सकता है।

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