अमेरिकी टैरिफ से भारत के 48 अरब डॉलर निर्यात पर होगा असर, वस्त्र-आभूषण सेक्टर को लगेगा सबसे बड़ा झटका

भारत ने छह अगस्त को कहा था कि अमेरिकी कार्रवाई ‘अनुचित, और अविवेकपूर्ण’ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर रूसी तेल को दोबारा बेचकर ‘मुनाफाखोरी’ करने का आरोप लगाया है।

अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लागू करने का ऐलान किया है। यानी बुधवार से भारतीय सामान पर अमेरिका 50 प्रतिशत टैरिफ वसूल करेगा। अमेरिका के इस फैसले से भारत के 48 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के निर्यात पर असर पड़ेगा। आपको बता दें कि अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर वर्तमान में 25 प्रतिशत शुल्क पहले से ही लागू है। रूसी कच्चे तेल और सैन्य उपकरणों की खरीद के कारण 27 अगस्त से 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है।

Trump Tariff

Trump Tariff (Istock)

ये सेक्टर होंगे सबसे अधिक प्रभावित

अमेरिकी आयात शुल्क का असर सबसे अधिक भारत के वस्त्र, परिधान, रत्न व आभूषण, झींगा, चमड़ा व जूते-चप्पल, पशु उत्पाद, रसायन और विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी शामिल हैं। दवा, ऊर्जा उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे क्षेत्र इन व्यापक शुल्कों के दायरे से बाहर हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका को भारत से निर्यात किए जाने वाले लगभग 48.2 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक सामान (2024 के व्यापार मूल्य के आधार पर) पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत पर पाबंदियां लगाई हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर रूसी तेल को दोबारा बेचकर ‘मुनाफाखोरी’ करने का आरोप लगाया है।

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