US oil prices Crash: अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार तनाव में कमी आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात होने वाले संभावित बड़े हमलों को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की कि दोनों देशों के बीच दो सप्ताह का द्विपक्षीय युद्धविराम लागू किया जाएगा। इसके बाद अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जहां बीते 8 घंटों में दाम करीब 21% तक टूट गए। ऊर्जा बाजार में इस अचानक आई हलचल से निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो इसका असर वैश्विक बाजारों और तेल उत्पादक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
तेल की कीमतों में भारी गिरावट (तस्वीर-AP/istock)
ट्रंप ने बातचीत के बाद लिया बड़ा फैसला
गौर हो कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद लिया गया। पाकिस्तान ने अमेरिका से ईरान पर होने वाले बड़े हमले रोकने की अपील की थी, जिसे ट्रंप ने मान लिया।
युद्धविराम की अहम शर्त
सीजफायर की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को तुरंत और सुरक्षित तरीके से जहाजों के लिए खोल देगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है।
ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव
ईरान ने शांति के लिए 10 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच ज्यादातर पुराने विवादों पर सहमति बन गई है। दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ईरान ने भी दी मंजूरी
ईरान की सरकारी मीडिया ने भी सीजफायर की पुष्टि की है। विदेश मंत्री ने कहा कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज से आवाजाही जारी रहेगी, लेकिन चेतावनी दी कि अगर कोई गलती हुई तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।
