2023 के बाद पहली बार अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बढ़ाई ब्याज दरें, दुनिया भर के बाजारों पर पड़ेगा असर

केविन वार्श के फेड चेयर बनने के बाद यह ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी है। इससे पहले जुलाई की बैठक में फेड ने दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखा था। उस बैठक में तीन अधिकारियों ने दर बढ़ाने के पक्ष में असहमति जताई थी।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फेड ने बुधवार 16 सितंबर 2026 को अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की। इसके बाद फेडरल फंड्स रेट का लक्ष्य दायरा बढ़कर 3.75% से 4% हो गया है। 2023 के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है।

US FED RESERVE

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बढ़ाई ब्याज दरें।

महंगाई बनी फेड की सबसे बड़ी चिंता

फेड के इस फैसले के पीछे अमेरिका में बनी हुई महंगाई अहम वजह है। अगस्त में अमेरिका की उपभोक्ता महंगाई दर 3.4% तक पहुंच गई,जो फेड के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर है। ऊर्जा कीमतों में तेजी और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी लागत ने भी महंगाई के दबाव को बढ़ाया है। इसके अलावा ईरान से जुड़े युद्ध और मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ने से अमेरिका समेत कई अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। फेड इस जोखिम को भी अपनी मौद्रिक नीति में ध्यान में रख रहा है।

नए फेड चेयर के कार्यकाल में पहला बड़ा फैसला

केविन वार्श के फेड चेयर बनने के बाद यह ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी है। इससे पहले जुलाई की बैठक में फेड ने दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखा था। उस बैठक में तीन अधिकारियों ने दर बढ़ाने के पक्ष में असहमति जताई थी। सितंबर की बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के साथ फेड ने महंगाई को लेकर अपने रुख को और सख्त किया है। अब बाजार की नजर अब इस बात पर है कि आने वाली बैठकों में केंद्रीय बैंक का अगला कदम क्या रहता है।

अब अगला कदम क्या होगा?

फेड के इस फैसले के बाद बाजार की नजर अब केंद्रीय बैंक के अगले संकेतों पर है। खास तौर पर फेड का डॉट प्लॉट, महंगाई के अनुमान और केविन वार्श की आगे की नीति संबंधी टिप्पणियां यह समझने में मदद करेंगी कि 2026 में ब्याज दरों का रुख किस दिशा में जा सकता है।

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