HDB Financial Services IPO: एचडीएफसी बैंक ने शनिवार 20 जुलाई को कहा कि इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आईपीओ (IPO) के जरिए अपनी सब्सिडियरी कंपनी एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एचडीबीएफएस) को लिस्ट करने की प्रोसेस शुरू करने के लिए मंजूरी दे दी है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामक आवश्यकताओं के तहत उठाया गया है। अक्टूबर 2022 में जारी एक सर्कुलर के तहत अपर लेयर वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) को लिस्ट करना अनिवार्य है।
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज आईपीओ
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बनाई गई है समिति
बोर्ड ने लिस्टिंग प्रोसेस की देखरेख करने और संबंधित रेगुलेटरी अथॉरिटीज से जरूरी मंजूरी प्राप्त करने के लिए निदेशकों की एक समिति को अथॉराइज्ड किया है। इसका आईपीओ सितंबर 2025 तक आएगा। बैंक आईपीओ के अलावा एचडीबीएफएस में हिस्सेदारी बेचने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
एचडीएफसी बैंक के पास कितनी है हिस्सेदारी
इस समय एचडीएफसी बैंक के पास एचडीबी फाइनेंशियल की 94.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एचडीबी फाइनेंशियल भारत के सबसे बड़े नॉन-बैंकिंग कर्जदाताओं में से एक है, जो इंडिविजुअल कर्जदारों के साथ-साथ मीडियम, स्मॉल और माइक्रो बिजनेस एंटरप्राइजेज को विभिन्न प्रकार के लोन और वित्तीय सेवाएं देती है।
वित्त वर्ष 2023-24 में एचडीबी फाइनेंशियल का ऑपरेशंस से कुल रेवेन्यू पिछले वर्ष के 12,402 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,171 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024 में इसका लाभ भी वित्त वर्ष 2022-23 में 1,959 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,460 करोड़ रुपये हो गया।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
