UP Kusum Solar Pump Yojana: यूपी सरकार किसानों को सिंचाई में सुविधा देने के लिए कुसुम योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है। सोलर पंप की मदद से किसान डीजल से की जाने वाली सिंचाई से छुटकारा पा सकते हैं। इससे उनकी सिंचाई करने की लागत में भी कमी आएगी। इसके अलावा कुसुम योजना के जरिए किसानों के पास कमाई का भी मौका है। दरअसल सोलर पंप सौर ऊर्जा से बनी बिजली से चलेगा और जितनी अतिरिक्त बिजली पैदा होगी उसे बेचकर किसान कमाई भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं यूपी सरकार की कुसुम योजना का फायदा लेने की प्रोसेस क्या है।
कुसुम सोलर पंप योजना के तहत मिलती है 90% सब्सिडी
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लगेंगे 54000 सोलर पंप
वित्त वर्ष 2024-25 में कुसुम योजना के तहत 54000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत 2 एचपी, 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 और 10 एचपी के सोलर पंप लगवाए जा सकते हैं। सोलर पंप लगवाने के लिए पहले आपको रजिस्ट्रेशन के बाद ही टोकन जनरेट करना होगा। टोकन मनी 5000 रु है।
कितनी मिलती है सब्सिडी
कुसुम योजना में सरकार से 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, जबकि 30 प्रतिशत लोन मिल जाता है। किसान को सिर्फ कुल लागत का 10 प्रतिशत ही खर्च करना होता है।
कैसे करें आवेदन
- यदि आप कुसुम योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं तो इस लिंक पर जाएं
- यहां ''अनुदान पर सोलर पंप / कृषि यंत्रो हेतु बुकिंग करे एवं टोकन जनरेट करें एवं रिपोर्ट देखें'' पर क्लिक करें
- यहां आपको '' वित्तीय वर्ष 2024-25 सोलर पंप बुकिंग हेतु यहाँ क्लिक करें''
- आपको एक नये पेज पर ले जाया जाएगा। नीचे स्क्रॉल करने पर ''आगे बढ़ें'' ऑप्शन पर क्लिक करें
- नये पेज पर आपको मोबाइल नंबर दर्ज करके रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू करनी होगी
जान लीजिए बोरिंग का नियम
2 एचपी के लिए 4 इंच, 3 और 5 एचपी के लिए, 6 इंच और 7.5 एचपी और 10 एचपी के लिए 8 इंच की बोरिंग होना जरूरी है। किसान की स्वयं की बोरिंग होनी जरूरी है। सत्यापन के समय उपयुक्त बोरिंग न पाये जाने पर टोकन मनी की धनराशि जब्त कर ली जायेगी और आवेदन निरस्त हो जायेगा। बाकी नियमों को जानने के लिए आप सीधे इस लिंक पर जा सकते हैं।
धोखाधड़ी से रहें सावधान
यूपी सरकार के कृषि विभाग की वेबसाइट के अनुसार सोलर पंप की बुकिंग कन्फर्म कराने की प्रक्रिया पूर्णतया पारदर्शी एवं ऑनलाइन है। सोलर पंप की बुकिंग कन्फर्म करने के लिए किसी भी फोन का संज्ञान न लें। धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने जनपद के उप कृषि निदेशक के संज्ञान में लायें।
