Union Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में देश का आम बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। बजट पेश करते समय वह सदन में अपना विस्तृत बजट भाषण पढ़ रही हैं। इस वर्ष के बजट में सरकार ने विकास, समावेशन और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। बजट के माध्यम से कई अहम और दूरगामी घोषणाएं की गई हैं, जिनका सीधा लाभ देश के विभिन्न वर्गों को मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने इस बजट में कई राज्यों के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन को बढ़ावा मिलेगा। अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सके। यह कदम शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहायक माना जा रहा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करती हुईं। (तस्वीर-ANI)
बजट में स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर बड़ा फोकस
इसके अलावा वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में देश के बदलते रोग-भार की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत में बीमारियों का स्वरूप तेजी से Non-Communicable Diseases (NCDs) की ओर बढ़ रहा है। डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां अब सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। इन रोगों का प्रभाव न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि देश की उत्पादकता और स्वास्थ्य खर्च पर भी दबाव बढ़ाता है।
रोकथाम, स्क्रीनिंग और शुरुआती इलाज पर जोर
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार की रणनीति स्पष्ट है। रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग और शुरुआती इलाज। वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य तंत्र को इस तरह मजबूत किया जाएगा कि बीमारियों का पता शुरुआती चरण में ही लग सके। इससे इलाज की लागत कम होगी और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, जांच सुविधाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को इस दिशा में और सशक्त किया जाएगा।
टिकाऊ परिवहन के लिए जलमार्गों का विस्तार
बजट भाषण में बुनियादी ढांचे के विकास को भी प्रमुखता दी गई। पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 नए अंतर्देशीय जलमार्ग चालू करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह पहल परिवहन लागत घटाने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद करेगी।
नेशनल वॉटरवे-5 से होगी शुरुआत
इन नए जलमार्गों की शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से की जाएगी। यह जलमार्ग तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों तथा कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे खनिज और औद्योगिक माल की आवाजाही आसान होगी।
शिप रिपेयर इकोसिस्टम का विकास
इसके अलावा वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की घोषणा भी की गई। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और जल परिवहन को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
