Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अगले 5 वर्षों के लिए बायोफार्मा शक्ति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपए की घोषणा की है। साथ ही, 17 औषधियों और दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी। यूनियन बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र और दवाइयों की कीमतों को कम करने पर विशेष ध्यान देने की पहले से उम्मीद की जा रही थी। पिछले बजट 2025‑26 की ही बात करें तो सरकार ने कैंसर और गंभीर बीमारियों से जुड़ी 36 जीवन‑रक्षक दवाइयों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया था, जिससे इन आवश्यक दवाओं की कीमतें कम होने में मदद मिली थी। इस कदम के साथ बीमारी के इलाज की लागत पर मरीजों का आर्थिक बोझ कम हुआ है। विशेष रूप से यह पहल ऐसे समय में आई है जब दुनिया में जैविक दवाइयों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस निवेश से भारत आयात‑निर्भरता कम कर सकता है और घरेलू उत्पादन सशक्त बनेगा।
Biopharma Shakti
योजना का क्या है उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य बायोफार्मा सेक्टर में स्थानीय उत्पादन, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना है, जिससे भारत की दवा आपूर्ति श्रृंखला अधिक आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बने। इस फंड से बायोफार्मा कंपनियों को तकनीकी अपग्रेड, उत्पादन क्षमता विस्तार, नवीन चिकित्सा उपकरणों एवं जैविक उत्पादों के निर्माण तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
वैश्विक फार्मा निर्यात को बढ़ावा
सरकार पिछले कुछ वर्षों से हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर को विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है। इस प्रकार के निवेश से न सिर्फ औद्योगिक विकास को सहायता मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। जानकारों मानना है कि इससे रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और वैश्विक फार्मा निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की प्राथमिकता फार्मा सेक्टर
सरकार की इस महत्वपूर्ण घोषणा से संदेश मिलता है कि सरकार मेडिकल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और फार्मा के क्षेत्र को भविष्य की प्राथमिकता के रूप में देख रही है और इसके लिए लंबे समय तक निवेश और नीतिगत समर्थन देने की योजना बना रही है।
