नई दिल्ली। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार, खरीफ फसल के मौसम के बाद ग्रामीण बेरोजगारी दर में तेज वृद्धि की वजह से अक्टूबर में देश में बेरोजगारी दर बढ़ी है। अक्टूबर में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.77 प्रतिशत हो गई, जो सितंबर में चार साल के निचले स्तर 6.43 प्रतिशत थी। ग्रामीण बेरोजगारी दर (Rural Unemployment Rate) सितंबर के 5.84 प्रतिशत से बढ़कर 8.04 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी बेरोजगारी दर पिछले महीने के 7.7 प्रतिशत से घटकर 7.21 प्रतिशत हो गई।
अक्टूबर में बढ़ी बेरोजगारी दर, गावों और शहरों में ऐसा रहा हाल
अक्टूबर में ग्रामीण रोजगार में गिरावट
मॉनसून के मौसम की शुरुआत में बोई जाने वाली खरीफ फसलों की कटाई सितंबर और अक्टूबर की पहली छमाही के बीच की जाती है, जिसके कारण अक्टूबर में ग्रामीण रोजगार में गिरावट आती है। नवंबर में सर्दियों की फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है। नवंबर 2021 में ग्रामीण बेरोजगारी दर उससे पिछले महीने के 7.91 प्रतिशत से तेजी से गिरकर 6.41 प्रतिशत हो गई थी।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हो सकती है हायरिंग
इस बीच, टीमलीज सर्विसेज के एक सर्वे के अनुसार, भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों ने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए मजबूत हायरिंग आउटलुक का अनुमान लगाया है, जिसमें 57 प्रतिशत नियोक्ता इस अवधि के दौरान अपने टैलेंट पूल को बढ़ाने के इच्छुक हैं।
ईपीएफओ ने जोड़े 1.69 मिलियन सदस्य
रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ (EPFO) के आंकड़ों से पता चला है कि अगस्त 2022 में 1.69 मिलियन नए ग्राहक जोड़े गए, जो एक साल पहले की अवधि की तुलना में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अगस्त 2022 के दौरान जोड़े गए कुल 1.69 मिलियन सदस्यों में से लगभग 0.99 मिलियन पहली बार ईपीएफओ के दायरे में आए हैं। इसमें से लगभग 58.32 फीसदी 18 से 25 साल के आयु वर्ग के थे।
