भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जल्द मुहर लग सकती है। नई दिल्ली में भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की, जिसमें बेहतर बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार और गैर-शुल्क बाधाओं का कम करना शामिल है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के बीच यहां दो दिन तक चली मंत्रिस्तरीय स्तर की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। बुधवार को आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
ट्रेड डील पर नई दिल्ली में बैठक (X hadle Piyush Goyal)
दोनों देशों सहमति की दिशा में आगे बढ़े
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चर्चा अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने केंद्रित रही जो व्यापक बीटीए के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों ने एक ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो संतुलित हो, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं के लिए ठोस लाभ सुनिश्चित करे। बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने बीटीए के प्रमुख पहलुओं की व्यापक समीक्षा की, जिसमें बेहतर बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, गैर-शुल्क बाधाओं का कम करना और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार शामिल है।
दोनों पक्षों ने हाल के महीनों में वार्ता दलों द्वारा हासिल प्रगति की भी समीक्षा की। इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि जारी वार्ताएं आर्थिक संबंधों को और गहरा करेंगी तथा भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेंगी।
अमेरिका जल्द चाहता है डील
भारत और अमेरिका एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। अमेरिकी अधिकारी बेथानी पोलोस मॉरिसन के मुताबिक, दोनों देश 24 जुलाई 2026 से पहले एक अंतरिम ट्रेड डील साइन करना चाहते हैं। इस डील का बड़ा लक्ष्य साल 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को $500 अरब तक पहुंचाना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक 10% के अस्थायी टैरिफ (दबाव शुल्क) की अवधि 24 जुलाई को खत्म हो रही है। भारत चाहता है कि इससे पहले डील फाइनल हो जाए ताकि वियतनाम और अन्य आसियान (ASEAN) देशों के मुकाबले भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में तरजीह मिल सके।
