Tirupati Laddu Sale : तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के प्रसिद्ध प्रसाद ‘तिरुपति लड्डू’ ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (Tirumala Tirupati Devasthanam) के अनुसार, मई 2026 में इस पवित्र लड्डू की बिक्री 1.2 करोड़ से भी अधिक हो गई, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। भक्तों की बढ़ती आस्था और मांग के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है।
मई में तिरुपति लड्डू की बिक्री 1.2 करोड़ के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर (तस्वीर-X)
पिछले रिकॉर्ड टूटे, लगातार बढ़ रही मांग
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि मई 2026 में कुल 1,21,35,528 लड्डुओं की बिक्री हुई। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। वर्ष 2024 के मई महीने में लगभग 1.01 करोड़ लड्डू बेचे गए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.1 करोड़ तक पहुंच गया था। इस तरह हर साल लड्डू की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और 2026 में इसने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है। टीटीडी के अनुसार यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी और मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या में भी साफ दिखाई देती है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह प्रसाद श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और इसी कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
उत्पादन क्षमता में बड़ा सुधार और आधुनिक तकनीक का उपयोग
इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए टीटीडी ने लड्डू उत्पादन व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि उत्पादन प्रक्रिया को तेज और बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मशीनों और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब प्रतिदिन चार लाख से अधिक लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए बड़े पैमाने पर कच्चे माल का उपयोग किया जाता है ताकि उत्पादन में किसी प्रकार की कमी न आए। टीटीडी का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना भी है, ताकि हर भक्त को समान और शुद्ध प्रसाद मिल सके।
लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री
टीटीडी ने यह भी बताया कि लड्डू बनाने के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जाता है। रोजाना लगभग 68 टन कच्चे माल की जरूरत होती है। इसमें 32 टन चीनी, 16 टन बेसन (चना दाल का आटा), 16 टन घी, 3.5 टन काजू, 2 टन किशमिश, 400 किलोग्राम इलायची और 800 किलोग्राम मिश्री शामिल होती है। यह सभी सामग्री मिलकर लड्डू के स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता को बनाए रखती हैं। हर सामग्री को निश्चित अनुपात में मिलाकर ही प्रसाद तैयार किया जाता है, जिससे इसका पारंपरिक स्वाद और पवित्रता बनी रहती है।
एक लड्डू की संरचना और मात्रा
टीटीडी के अनुसार, एक लड्डू बनाने में लगभग 170 ग्राम कच्चा माल इस्तेमाल होता है। इसमें 78 ग्राम चीनी, 39 ग्राम बेसन, 36 ग्राम घी, 7 ग्राम काजू, 3 ग्राम किशमिश और अन्य सामग्री शामिल होती है। इन सभी तत्वों को सावधानीपूर्वक मिश्रित करके लड्डू तैयार किए जाते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि हर लड्डू केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक है, जिसे पूरी शुद्धता और नियमों के साथ तैयार किया जाता है।
श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बना प्रसाद
तिरुपति लड्डू केवल एक प्रसाद नहीं बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़ा हुआ है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु तिरुपति मंदिर आते हैं और इस प्रसाद को प्राप्त करते हैं। बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि लोगों की आस्था और विश्वास इस परंपरा में लगातार मजबूत हो रहा है। टीटीडी का कहना है कि आगे भी उत्पादन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि किसी भी भक्त को प्रसाद पाने में कठिनाई न हो और परंपरा उसी पवित्रता के साथ आगे बढ़ती रहे।
