इनकम टैक्स विभाग हुआ एक्टिव, इन लोगों की खंगाल रहा कुंडली

आयकर विभाग ने ₹50 लाख से अधिक सालाना कमाने वाले सीनियर एग्जीक्यूटिव्स और हाई-अर्नर्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। AI और डेटा टूल्स के जरिए उनके खर्चों और ITR विसंगतियों की जांच कर धड़ाधड़ नोटिस भेजे जा रहे हैं।

देश में टैक्स चोरी को रोकने और कर संग्रह को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) इस समय बेहद आक्रामक और एक्टिव मोड में नजर आ रहा है, जिसके तहत विशेष रूप से उच्च आय वर्ग (High Earners) और कॉर्पोरेट जगत के बड़े अधिकारियों की वित्तीय कुंडली खंगाली जा रही है। एबीपी लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स अधिकारियों ने अब उन सीनियर एग्जीक्यूटिव्स, प्रमोटर्स और उच्च वेतन पाने वाले पेशेवरों को अपने रडार पर ले लिया है जिनकी सालाना कमाई ₹50 लाख या उससे अधिक है, और उनके द्वारा दाखिल किए गए आईटीआर (ITR) और वास्तविक खर्चों के बीच आ रहे अंतर की बेहद बारीकी से जांच की जा रही है।

Income Tax Notice

इनकम टैक्स विभाग हुआ एक्टिव, इन लोगों की खंगाल रहा कुंडली

रडार पर हैं ये लोग

आयकर विभाग द्वारा की जा रही इस सख्त कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण यह है कि कई बड़े अधिकारी और सैलरीड प्रोफेशनल्स अपनी कर देनदारी को कम करने के लिए विभिन्न प्रकार के भत्तों (Allowances), फर्जी रेंट रसीदों, या गलत निवेश दावों के जरिए अवैध रूप से टैक्स छूट का लाभ उठा रहे थे, जिस पर अब विभाग ने पूरी तरह से नकेल कसना शुरू कर दिया है। आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स टूल से लैस आयकर विभाग अब टैक्सपेयर्स के फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और उनके बैंक खातों, क्रेडिट कार्ड भुगतानों तथा महंगी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है, जिससे मामूली सी भी वित्तीय विसंगति या हेरफेर तुरंत पकड़ में आ रही है।

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