टाटा स्टील (Tata Steel) के शेयरों में तेजी का सिलसिला मंगलवार, 28 अक्टूबर को भी जारी रहा। शेयर ने लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज की और 3% उछलकर 182 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका नया 52-सप्ताह का उच्च स्तर है। शेयर में यह तेजी मुख्य रूप से ब्रोकरेज फर्मों के सकारात्मक रुख के कारण देखी जा रही है। इनमें अब Motilal Oswal का नाम भी शामिल हो गया है।
Tata Steel share price/photo-tata steel
खबर लिखे जाने तक टाटा स्टील का शेयर 186 रुपये की प्राइस पर कारोबार कर रहा है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने टाटा स्टील के शेयर पर अपना व्यू ‘Neutral’ से अपग्रेड कर ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही कंपनी का लक्ष्य मूल्य (Target Price) ₹210 प्रति शेयर तय किया गया है।
Motilal Oswal ने इन चार कारणों से दी ‘Buy’ रेटिंग
बेहतर स्टील प्राइस रियलाइजेशन: ब्रोकरेज के अनुसार, स्टील की कीमतों में सुधार से टाटा स्टील को फायदा होगा। सरकार ने फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स पर 12% सेफगार्ड ड्यूटी का प्रस्ताव रखा है, जिससे घरेलू बाजार में कंपनी को बेहतर रियलाइजेशन मिलने की उम्मीद है।
यूरोपियन बिजनेस में सुधार: टाटा स्टील का यूरोपियन कारोबार अब ब्रेक-ईवन की ओर बढ़ रहा है। EBITDA घाटा 2QFY25 में USD 76/t से घटकर 1QFY26 में USD 8/t लाभ में बदल गया है। यह सुधार कम ऊर्जा लागत और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के चलते हुआ है।
घरेलू स्टील डिमांड में तेजी: भारत में FY26–27 के दौरान स्टील की मांग में 8–10% की वृद्धि का अनुमान है। मजबूत डिमांड माहौल, सरकारी नीतियों और उद्योग में सुधार से यह वृद्धि संभव होगी।
क्षमता विस्तार की आक्रामक योजना: कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को FY25 में 26.5 MTPA से बढ़ाकर FY30 तक 40 MTPA तक करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।
मजबूत कैश फ्लो और कम ऋण दबाव
बेहतर रियलाइजेशन की उम्मीद में, Motilal Oswal का अनुमान है कि कंपनी ₹957 अरब का ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) जनरेट करेगी। यह राशि कंपनी के ₹160 अरब वार्षिक एक्सपैंशन प्रोजेक्ट्स को बिना अतिरिक्त कर्ज के पूरा करने में मदद करेगी। 1QFY26 के अनुसार कंपनी का नेट डेट ₹848 अरब था, जिसमें ₹141 अरब नकद शामिल है। इसका नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 3.21x रहा।
InCred Equities ने दी डबल अपग्रेड
सोमवार को InCred Equities ने भी टाटा स्टील को ‘Reduce’ से अपग्रेड कर ‘Add’ रेटिंग दी और इसका लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर ₹224 प्रति शेयर कर दिया। ब्रोकरेज के अनुसार, टाटा स्टील भारत के इंडस्ट्रियल अपसाइकिल और यूरोप के पोस्ट-वार रिकंस्ट्रक्शन बूम दोनों से फायदा उठा सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के संभावित शांतिपूर्ण समाधान और US$800 अरब से अधिक के पुनर्निर्माण कार्य से यूरोप में लॉन्ग-टर्म स्टील डिमांड बढ़ने की उम्मीद है, जिससे टाटा स्टील को बड़ा लाभ मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल शैक्षणिक उद्देश्य से है। यहां व्यक्त विचार और सिफारिशें संबंधित विश्लेषकों और ब्रोकिंग कंपनियों के हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
