Tata Sons Chairman N Chandrasekaran Resignation : टाटा समूह को संचालित करने वाली कंपनी Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने अगले कार्यकाल के लिए खुद को री-अपॉइंटमेंट के लिए पेश नहीं करने का फैसला किया है। इसे एक तरह से उनका इस्तीफा माना जा रहा है। हालांकि, वे पद को तुरंत नहीं छोड़ रहे हैं। अपना मौजूदा र्कायकाल पूरा करेंगे यानी 20 फरवरी, 2027 तक वे पद पर बने रहेंगे। चंद्रशेखरन नेTata Sons Board से उनका उत्तराधिकारी तय करने को कहा है, ताकि नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया सुचारू तरीके से पूरी की जा सके।
टाटा संस का नेतृत्व छोड़ रहे चंद्रशेखरन
चंद्रशेखरन ने क्या कहा?
Chandrasekaran ने 12 अगस्त को जारी अपने बयान में कहा कि Tata Group के साथ उनका 40 साल का पेशेवर सफर रहा है और इस संस्थान में योगदान देने का अवसर उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक दशक तक Tata Sons का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी रही है।
क्यों किया अलग होने का फैसला?
चंद्रशेखरन ने अपने पत्र में कहा कि Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust ने सर्वसम्मति से उनके अगले 5 साल के कार्यकाल को बढ़ाने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश को Tata Sons की Nomination and Remuneration Committee और Board ने भी आगे बढ़ाया था। इसके बाद 24 फरवरी, 2026 को Tata Sons Board की बैठक में उनके अगले कार्यकाल का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन बोर्ड के एक सदस्य ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।सर्वसम्मति नहीं होने के कारण उन्होंने उस समय फैसला टालना चुना। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि बोर्ड बैठक को अब करीब 6 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
नेतृत्व को लेकर 6 महीने से तस्वीर साफ नहीं
चंद्रशेखरन ने अपने पत्र में कहा कि Tata Sons एक बहुत बड़ा संस्थान है और समूह के कई रणनीतिक प्रोजेक्ट इस समय अहम चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल नया लीडर तय करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, कारोबारी साझेदारों और दूसरे हितधारकों के लिए भी नेतृत्व को लेकर स्पष्ट तस्वीर होना जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने अब खुद को अगले कार्यकाल के लिए पेश नहीं करने का फैसला किया है और बोर्ड से उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है।
क्यों टाटा समूह के लिए बड़ा बदलाव?
चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनका कार्यकाल टाटा समूह के लिए बड़े बदलावों का दौर रहा है। उनके नेतृत्व में समूह ने टेक्नोलॉजी, एयरलाइन, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और नए कारोबारों में बड़े निवेश और विस्तार पर जोर दिया। टाटा समूह ने Air India को खरीदा और एयरलाइन कारोबार को दोबारा खड़ा करने की बड़ी रणनीति पर काम शुरू किया। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाया है।
18 अगस्त की AGM से पहले बड़ा घटनाक्रम
यह घटनाक्रम टाटा समूह की 18 अगस्त को होने वाली सालाना आमसभा (AGM) से ठीक पहले सामने आया है। इससे पहले चंद्रशेखरन के पद पर बने रहने और उनके अगले कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। हालांकि, Times Now ने AGM से पहले उनके पद छोड़ने की संभावना को लेकर रिपोर्ट किया था।
अब चंद्रशेखरन ने खुद स्थिति स्पष्ट कर दी है।
