Tata Group-Pegatron JV: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) ने भारत में एप्पल के दूसरे सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर पेगाट्रॉन (Pegatron) के साथ सफलतापूर्वक जॉइंट वेंचर (जेवी) बना लिया है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में टाटा के पास 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि पेगाट्रॉन के पास बाकी 40 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। 15 नवंबर को टाटा के अधिकारियों ने जेवी की पुष्टि के लिए पेगाट्रॉन अधिकारियों से मुलाकात की। यह साझेदारी टाटा के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग प्लान को बढ़ावा देगी, जो कर्नाटक में अपने मौजूदा आईफोन असेंबली प्लांट का विस्तार करेगी, जिसे इसने पिछले साल ताइवान के विस्ट्रॉन से खरीदा था। साथ ही तमिलनाडु के होसुर में एक अन्य प्लांट बन रहा है, जहां पेगाट्रॉन इसकी जेवी पार्टनर होगी।
टाटा ग्रुप ने बनाया नया जॉइंट वेंचर
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काफी समय से हो रही थी डील के लिए बातचीत
दोनों कंपनियों (टीईपीएल और पेगाट्रॉन) के बीच इस डील के लिए बातचीत चल रही थी, जो अब सफल हो गई है। फोर्ब्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार टाटा पेगाट्रॉन के तमिलनाडु प्लांट को अपने कब्जे में लेने की प्रोसेस में है। जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और उम्मीद है कि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।
पहली भारतीय कंपनी बनी टाटा
भारत में एप्पल के आईफोन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स में इस समय टाटा, पेगाट्रॉन और फॉक्सकॉन शामिल हैं। टाटा भारत में एप्पल की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। पिछले साल विस्ट्रॉन में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह घरेलू स्तर पर एप्पल के आईफोन बनाने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने तमिलनाडु के होसुर में अपने नए आईफोन असेंबली प्लांट के लिए 20,000 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है, जिससे इस प्लांट में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 40,000 हो जाएगी।
