Valuable Brands Of India: टाटा ग्रुप को एक बार फिर भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड घोषित किया गया है। ब्रांड फाइनेंस की लेटेस्ट रिपोर्ट में टाटा ग्रुप के बाद इंफोसिस को दूसरा सबसे मूल्यवान ब्रांड मना गया। इस लिस्ट में तीसरा स्थान एचडीएफसी ग्रुप ने प्राप्त किया है। ब्रांड वैल्यू द्वारा इंडिया 100 रिपोर्ट को आईटी, हॉस्पिटलिटी, ऑटोमोटिव, रिटेल और अन्य क्षेत्रों में फैले 250 से अधिक भारतीय ब्रांडों का मूल्यांकन करके तैयार किया गया था।
भारत के टॉप 10 मूल्यवान ब्रांड्स
टाटा और इंफोसिस के ब्रांड वैल्यू में 9% की बढ़ोतरी
पिछले साल की तरह इस साल भी टाटा ग्रुप ने टॉप स्थान बरकरार रखा है। इस ग्रुप ने ब्रांड वैल्यू ( 28.6 अरब डॉलर) में 9% की प्रभावशाली वृद्धि दिखाई। इंफोसिस ने भी ब्रांड वैल्यू (14.2 अरब डॉलर) में 9% की स्थिर वृद्धि के साथ सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड्स की लिस्ट में दूसरा स्थान बरकरार रखा।
HDFC दूसरे, LIC चौथे और रिलायंस 5वें स्थान पर
HDFC ग्रुप ने इस साल तीसरे स्थान पर कब्जा कर लिया, जिसका श्रेय काफी हद तक HDFC लिमिटेड के साथ इसके विलय को जाता है। इसके ब्रांड वैल्यू में 38% की प्रभावशाली वृद्धि हुई। चौथा स्थान LIC ग्रुप को मिला, जबकि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस 5वें स्थान पर रहा।
SBI दूसरा सबसे बड़ा मूल्यवान बैंक
SBI ग्रुप को भारत का दूसरा सबसे मूल्यवान बैंक घोषित किया गया। SBI ने छठा स्थान हासिल किया। एयरटेल सातवें स्थान पर रहा। एचसीएल टेक, जो पिछले साल 10वें स्थान पर था। इस साल दो स्थान की छलांग लगाई। लार्सन एंड टुब्रो इस लिस्ट में नया प्रवेशक था, जिसने सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड्स की लिस्ट में नौवां स्थान हासिल किया। महिंद्रा ने 10वां स्थान हालिस किया।
क्या होता है ब्रांड वैल्यू?
ब्रांड फाइनेंस के चेयरमैन और सीईओ डेविड हैघ ने कहा कि ब्रांड वैल्यूएशन कंपनियों को उनके ब्रांड के वैल्यू को समझने में मदद करता है और यह कंपनी के समग्र वैल्यू में कैसे योगदान देता है। ब्रांड वैल्यू का मतलब है ब्रांड की प्रतिष्ठा से जुड़ी आय का मौजूदा वैल्यू। संगठन ट्रेडमार्क अधिकारों के स्वामित्व के जरिए इन आय को नियंत्रित करते हैं। इंग्लैंड और वेल्स में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान द्वारा रेगुलेडेट चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म ब्रांड फाइनेंस द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट यह बताती है।
