अभी तक बाढ़ से कैसे बचता रहा है ताज महल, इस बार बचा पाएगी ये खास डिजाइन

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 18, 2023, 04:33 PM IST

Taj Mahal In Danger From Yamuna Flood:ताज महल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1632 ईसवी में कराया था। ताज महल यमुना के किनारे खास लोकेशन को देखते बनाया गया था। आम तौर पर इमारतों को पानी से दूर बनाया जाता है, जिससे कि नमी का असर न हो। लेकिन ताज महल का निर्माण इस सिद्धांत से पूरी तरह उलट है।

Taj Mahal In Danger From Yamuna Flood:करीब 400 साल से दुनिया को अपनी खूबसूरती से अचरज में डाले हुए ताज महल पर नया खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा यमुना के बाढ़ का है, जो इस समय आगरा में तांडव दिखा रही है। हालात ऐसे बन गए है कि 45 वर्षों में पहली बार यमुना नदी ने आगरा में ताज महल की दीवारों को छू लिया और इसके पीछे के एक बगीचे को जलमग्न कर दिया। यमुना का जल स्तर 497.9 फीट के खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। और अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या मेन ताज महल के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अगर ऐसा होगा तो यह 400 साल के इतिहास में पहली बार होगा। हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI)का मानना है कि ताज महल की डिजाइनिंग ऐसी है कि वह नहीं डूबेगा। उसे खास तौर से ऐसा डिजाइन किया गया है कि बाढ़ का पानी उसे नुकसान नहीं पहुंचा सके।

TAJ MAHAL DESIGN AND FLOOD

यमुना के किनारे है स्थित

ताज महल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1632 ईसवी में कराया था। ताज महल यमुना के किनारे खास लोकेशन को देखते बनाया गया था। आम तौर पर इमारतों को पानी से दूर बनाया जाता है, जिससे कि नमी का असर न हो। लेकिन ताज महल का निर्माण इस सिद्धांत से पूरी तरह उलट है। बताया जाता है कि ताज महल 50 कुओं की नींव पर टिकी हुआ है। पूरी इमारत का वजन इन कुओं पर है। निर्माण के दौरान इन कुओं में आबनूस और महोगनी की लड़कियों डाली गईं थी।कुओं की डिजाइन ऐसी है कि यमुना नदी से इन्हें नमी मिलती रहे। जिससे ताज महल की मजबूती बनी रहेगी।

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