EPFO: ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सरकार को 4 माह में निर्णय देने का आदेश

EPF Salary Limit: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना में वेतन सीमा बढ़ाने पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया। यह सीमा पिछले 11 वर्षों से स्थिर है। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर सुनाया।

EPF Salary Limit: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना में वेतन सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर 4 महीने के भीतर कोई फैसला लेने का आदेश दिया। वर्तमान में इस योजना में वेतन की सीमा पिछले 11 वर्षों से 15,000 रुपये प्रति माह ही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस योजना के तहत 15,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को शामिल नहीं करता। याचिकाकर्ता के वकीलों प्रणव सचदेवा और नेहा राठी ने बताया कि आज देश के कई हिस्सों में न्यूनतम वेतन पहले से ही इस सीमा से अधिक हो गया है। लेकिन ईपीएफ की वेतन सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि के लाभ से वंचित रखा जा रहा है।

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11 साल से स्थिर ईपीएफ वेतन सीमा: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जल्द निर्णय का निर्देश दिया (तस्वीर-istock)

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर इस मामले में आदेश की प्रति के साथ केंद्र सरकार के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसके बाद केंद्र सरकार को चार महीने के भीतर इस पर कोई निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। अदालत ने इस मामले में स्पष्ट किया कि वेतन सीमा बढ़ाने या योजना में सुधार के लिए सरकार को लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं कराई जा सकती।

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