Sun Pharma Share Price: सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर शुक्रवार, 26 सितंबर को लगभग 5% गिरकर बीएसई पर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹1,547.25 पर पहुंच गए। भारत की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी, सन फार्मा के शेयरों में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका में आयात होने वाली ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 1 अक्टूबर से 100% टैरिफ (शुल्क) लगाया जाएगा।
ट्रंप टैरिफ से सन फॉर्मा के शेयर लुढ़के
बीएसई पर आज शेयर 2.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1590.60 पर खुला, जबकि पिछली बार इसका बंद भाव 1,628 रुपये था। यह और गिरकर 1,547.25 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 4.96 फीसदी की गिरावट है। यह इसका 52 हफ्तों का नया निचला स्तर भी है। शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 1,960.20 रुपये है। पिछली बार शेयर 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,595 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 3,82,984.50 करोड़ रुपये था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शेयर ने 1,627.40 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,585 रुपये पर कारोबार शुरू किया। शेयर ने 1,548 रुपये के निचले स्तर और 1,601.80 रुपये के उच्च स्तर को छुआ।
यह टैरिफ उन कंपनियों पर लागू नहीं होगा जिनके अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जो वहां प्लांट बना रही हैं, या जिन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सन फार्मा की प्रमुख स्पेशलिटी दवाएं जैसे इलुम्या, सीक्वा, ओडोमोजो और विनलेवी कंपनी की कुल बिक्री का 19.3% हिस्सा बनाती हैं। वित्त वर्ष 2025 में, सन फार्मा की स्पेशलिटी बिक्री पिछले साल की तुलना में 17% बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गई, जबकि ग्लोबल इलुम्या की बिक्री 17% बढ़कर 681 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई।
हालांकि, कंपनी अमेरिका में मौजूद अपने प्लांट्स से होने वाली बिक्री का खुलासा नहीं करती है। प्रबंधन पहले यह संकेत दे चुका है कि अगर उन्हें अमेरिका में ऑनशोर मैन्युफैक्चरिंग करनी पड़ी, तो मौजूदा उत्पादन क्षमता इसके लिए पर्याप्त है और फिलहाल नई क्षमता जोड़ने की जरुरत नहीं है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
