Subrata Roy Sahara Success Story And His Business: सहारा ग्रुप के फाउंडर सुब्रत रॉय का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 2000 रुपये से बिजनेस शुरू करने वाले सुब्रत सहारा किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे हैं। राजनीति से लेकर बिजनेस तक एक समय वह देश के सबसे प्रमुख चेहरा हुआ करते थे। फाइनेंस कंपनी के जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से कारोबार शुरू किया और साल 2010 तक आते-आते वह एयरलाइन से इंटरटेनमेंट तक के बिजनेस में छा गए। लेकिन बाद में उनकी बुलंदी का सितारा डूबा तो सेबी के साथ निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के विवाद में फंसे, उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
सुब्रत रॉय सहारा का निधन
IPL,होटल, एयरलाइन तक आजमाया हाथ
सुब्रत रॉय सहारा जब अपने बुलंदियों पर थे उस दौरान उन्होंने तेजी से अपने कारोबार का विस्तार पर किया। फाइनेंस कंपनियों से शुरूआत करने के बाद, सहारा ग्रुप सहारा एयरलाइन बिजनेस, अंबे वैली से लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट, लंदन-न्यूयार्क में होटल, IPL टीम, भारतीय क्रिकेट टीम के लंबे समय तक स्पांसर, फॉर्मूला वन टीम, मीडिया तक में हाथ आजमाया। लेकिन बाद में जब सितारे गर्दिश में आए और कानूनी विवाद बढ़ा तो एयरलाइन, होटल से लेकर कई बिजनेस से हाथ धोना पड़ा।
गरीब तबके को साधा
सहारा ग्रुप ने जब 80-90 के दशक फाइनेंस कंपनी का बिजनेस शुरू किया, तो उन्होंने गरीब तबके को साधा। और निवेश के लिए कई ऐसी तरह की योजनाएं लाईं, जो गरीब और मिडिल क्लास को भा गई। इसके तहत डेली पैसे जमा करने का तरीका काफी पसंद किया गया है। और ज्यादा रिटर्न पाने की उम्मीद ने करोड़ों निवेशकों को उनके तरफ खींचा। लोग 10-10 रुपये डेली सहारा एजेंट के जरिए जमा करने लगे। इस रणनीति सहारा ग्रुप को तेजी से आगे बढ़ाया।
आज भी 9 करोड़ ग्राहक, 2.59 लाख करोड़ की नेटवर्थ
सहारा ग्रुप की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार आज भी सहारा ग्रुप के पास 9 करोड़ निवेशक हैं। और उसके पास 2,59,900 करोड़ की नेटवर्थ है। और करीब 30,970 एकड़ा का लैंडबैंक है। इसके अलावा देश भर में 5000 से ज्यादा उनकी इकाइयां (Establishments) हैं।
सेबी केस और जेल
सुब्रत रॉय को 4 मार्च 2014 में सेबी केस के मामले में जेल भी जाना पड़ा । उन पर आरोप लगा कि वह निवेशकों के पैसे नहीं लौटा रहे हैं। असल में मामला 10,000 करोड़ रुपये नहीं चुकाने का मामला था। जिसमें कोर्ट ने उन्हें 5000 करोड़ रुपये कैश और 5000 करोड़ रुपये बैंक गारंटी देने को कहा था। इसके बदले में सहारा ने निवेशकों के साक्ष्य के रूप में 127 ट्रक में भरे दस्तावेजों को सेबी के ऑफिस पहुंचा दिया था। इसके बाद सुब्रत राय करीब 2 साल बाद 2016 में पैरोल पर जेल से बाहर आए। सहारा की कई संपत्तियां इस समय इनकम टैक्स विभाग द्वारा अटैच हैं।
