मार्केट गिरते ही रोकी SIP, क्रैश और रिकवरी की हिस्ट्री देखें...दोबारा नहीं करेंगे ये गलती

अगर आप SIP में निवेश करते हैं और बाजार गिरते ही निवेश रोक देते हैं, तो बड़ी गलती कर रहे हैं। मार्केट क्रैश और रिकवरी की हिस्ट्री देखें इसके बाद फिर कभी ये गलती नहीं करेंगे।

SIP vs Market Crash and Recovery : अक्सर शेयर बाजार में तेज गिरावट आते ही निवेशकों SIP में निवेश रोक देते हैं। अगर आप भी SIP के जरिये निवेश करते हैं और मार्केट क्रैश के दौरान आपके मन में भी ये ख्याल आता है, कि बाजार गिरते ही निवेश रोक दें, तो बाजार का इतिहास जरूर जानिए। क्योंकि पिछले दो दशकों के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा कमाई के मौके अक्सर उसी समय आए, जब ज्यादातर लोग डरकर बाजार से बाहर निकल रहे थे।

Market Crash and SIP

बाजार में गिरावट के समय घटाएं नहीं बढ़ाएं निवेश

24 घंटे में बदल गई तस्वीर

इसी सप्ताह में शेयर बाजार ने यह सबक दोहराया है। बुधवार को अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक से ज्यादा टूट गया। कई निवेशक घबरा गए और बाजार में आगे बड़ी गिरावट की आशंका जताने लगे। लेकिन अगले ही दिन तस्वीर पूरी तरह बदल गई। गुरुवार को बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा और निफ्टी 150 अंक से ज्यादा चढ़ गया। सिर्फ 24 घंटे में निवेशकों का मूड बदल गया। यही शेयर बाजार की सबसे बड़ी सच्चाई है। गिरावट और रिकवरी अक्सर बहुत कम अंतराल में आती हैं।

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