Share Market Today : जुलाई के पहले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 3 जुलाई, 2026 को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में Sensex 500 अंक से अधिक की तेजी के साथ 78,157.52 अंक तक उछल गया। वहीं, Nifty 200 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 24,378.15 अंक तक उछल गया है। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है।
लगातार तीसरे दिन बाजार में तेजी
सबसे ज्यादा मजबूती IT, मेटल, फार्मा और FMCG सेक्टर में देखने को मिली है। Nifty IT इंडेक्स करीब 2.25 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे है। इसके अलावा मेटल इंडेक्स में करीब 1.50 फीसदी, केमिकल इंडेक्स में 0.87 फीसदी, फार्मा में 0.84 फीसदी और एफएमसीजी इंडेक्स में करीब 0.78 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 0.90 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, जबकि ऑटो इंडेक्स लगभग सपाट रहा।
ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूत खरीदारी का ट्रेंड है। निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी 500, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सभी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। इससे संकेत मिलता है कि खरीदारी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
क्यों बाजार में तेजी का माहौल?
पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने की वजह से ग्लोबल मार्केट्स में मजबूती का रुख है। यही ट्रेंड भारतीय बाजारों में दिख रहा है। एशियाई बाजारों में निक्केई, हैंग सेंग, कोस्पी, जकार्ता और शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में पिछली रात कमजोरी देखने को मिली, लेकिन यूरोपीय बाजारों में अच्छी तेजी का असर निवेशकों के भरोसे पर दिखाई दिया।
क्रूड 75 डॉलर से नीचे
कमोडिटी बाजार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड लगातार 75 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे बना हुआ है। शुक्रवार सुबह ब्रेंट 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया भी मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। इन संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखने में मदद की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिनभर वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो सेंसेक्स और निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार रख सकते हैं। निवेशकों की नजर अब दिनभर के कारोबार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के अगले रुख पर रहेगी।
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