मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीदों से सोमवार को ग्लोबल बाजारों में बेहद पॉजिटिव माहौल देखने को मिल रहा है। इस सकारात्मक रुख के बीच गिफ्ट निफ्टी 233 अंकों की शानदार तेजी के साथ 23,977 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए एक मजबूत और धमाकेदार शुरुआत के साफ संकेत दे रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीजफायर को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ईरान के साथ परमाणु समझौते पर भी विस्तार से चर्चा की है।
इस बातचीत के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने इस बात पर पूरी सहमति जताई कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट साइट्स को खत्म करने और वहां मौजूद समृद्ध यूरेनियम को उसके क्षेत्र से पूरी तरह बाहर हटाने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी गहराई से चर्चा हुई है।
क्रूड आयल में गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने के एक संभावित समझौते (MoU) की खबरों के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ही क्रूड ऑयल 5% से ज्यादा टूट गया, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट का यह भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह शांत होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा से सामान्य रूप से जहाजों की आवाजाही के लिए खुल जाता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई चेन पर बना दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे आने वाले समय में तेल की कीमतों में और ज्यादा नरमी आ सकती है, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि इससे देश की घरेलू महंगाई और सरकार के आयात बिल (इंपोर्ट बिल) का दबाव काफी घट सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा और सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार में एविएशन, पेंट, केमिकल और ऑटो सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है।
दुनियाभर के बाजारों में तेजी
वैश्विक मोर्चे पर केवल एशियाई ही नहीं, बल्कि यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में शानदार मजबूती देखी गई थी। बीते शुक्रवार को ब्रिटेन का FTSE 100, यूरोप का Stoxx 600, जर्मनी का DAX, फ्रांस का CAC और स्पेन का IBEX 35 इंडेक्स 1.15% तक की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए थे। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी बाजार (यूएस मार्केट) भी तेजी के पिछले सेशन को समाप्त करने में कामयाब रहे, जहां डाउ जोन्स में 0.58%, एस एंड पी 500 में 0.37% और नैस्डैक में 0.19% की तेजी दर्ज की गई थी। इन मजबूत ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजारों ने भी अपने पिछले कारोबारी सत्र का अंत बढ़त के साथ ही किया था, जिसमें निफ्टी 64.60 अंक (0.27%) की तेजी के साथ 23,719.30 पर और बीएसई सेंसेक्स 231.99 अंक चढ़कर 75,415.35 के स्तर पर बंद हुआ था। इस दौरान बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) भी 0.49% गिरकर 17.91 पर आ गया था, जिससे विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर कच्चे तेल में गिरावट और वैश्विक बाजारों की यह मजबूती आगे भी टिकी रहती है, तो घरेलू शेयर बाजार में आने वाले दिनों में और बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
