Nifty Fall Reason, Global Market Impact on India: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 2,227 अंक यानी 2.95% टूटकर 73,137.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 743 अंक यानी 3.24% गिरकर 22,161.60 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 2,227 अंक फिसलने से BSE डेटा के मुताबिक निवेशकों के 13,42,052 करोड़ डूब गए। दोनों प्रमुख इंडेक्स ने दिन के दौरान लगभग 5% तक की गिरावट दर्ज की, जो कोविड के बाद की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
सेंसेक्स 2200+ अंक टूटा, निफ्टी 3% नीचे – जानिए वजहें
ब्लूचिप शेयरों में भारी गिरावट, सभी सेक्टर्स लाल निशान में
Tata Steel में 7.78%, L&T में 5.88%, और Tata Motors में 5.56% की भारी गिरावट आई। Kotak Bank और M&M में भी क्रमशः 4.42% और 4.06% की गिरावट देखी गई। IT कंपनियां, जिनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, 7% तक लुढ़क गईं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी क्रमशः 4.6% और 6.2% की गिरावट देखी गई।
क्या है गिरावट की वजह? जानिए 6 बड़ी वजहें
1. अमेरिकी बाजार में मंदी का माहौल
नैस्डैक इंडेक्स अब बियर मार्केट में प्रवेश कर चुका है, जो अपने उच्चतम स्तर से 20% से ज्यादा गिर चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित वैश्विक टैरिफ ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता फैला दी है।
2. वैश्विक बाजारों में गिरावट
जापान का निक्केई 7%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5%, चीन का ब्लूचिप इंडेक्स 7% और हांगकांग का हैंगसेंग 10.5% तक गिरा।
3. अमेरिकी मंदी की आशंका
निवेशक अब मुद्रास्फीति से अधिक आर्थिक मंदी को लेकर चिंतित हैं। अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 0.3% की वृद्धि अनुमानित है, लेकिन टैरिफ से महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
4. कमोडिटी बाजार में बड़ी गिरावट
ब्रेंट क्रूड 6.5% और WTI 7.4% गिरा। सोना 2.4% और चांदी 7.3% टूटी। कॉपर, जिंक, और एल्युमिनियम जैसे धातुओं में भी तेज गिरावट।
सेफ हेवन्स की ओर निवेशकों का रुख
अमेरिकी बॉन्ड्स जैसे सुरक्षित निवेश साधनों की ओर निवेशकों का झुकाव बढ़ा। 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 8 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रेड वॉर गहराया
चीन ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर खतरे की घंटी बज गई है। इसका असर वैश्विक विनिर्माण और मांग पर साफ देखा जा रहा है।
क्या अब बियर मार्केट दूर नहीं?
निफ्टी अपने उच्चतम स्तर से अब तक 15.66% गिर चुका है और सिर्फ 1,140 अंक की दूरी पर है उस स्तर से, जहां यह आधिकारिक रूप से "बियर मार्केट" में प्रवेश कर जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहीं, तो बाजार में और गिरावट संभव है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
