हवाई जहाज में पेट्रोल-डीजल नहीं, अब डलेगा एथेनॉल! इस देश ने लिया जेट फ्यूल बंद करने का फैसला

दक्षिण कोरिया ने विमानन क्षेत्र में एथेनॉल आधारित सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल यानी SAF को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले जेट फ्यूल पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म करना है।

दुनियाभर में पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं को काबू करने के बाद, अब वैज्ञानिकों और सरकारों का ध्यान आसमान में उड़ने वाले विमानों पर गया है। दरअसल, हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक जेट फ्यूल (एविएशन टरबाइन फ्यूल) हवा में भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैस छोड़ता है, जो ग्लोबल वार्मिंग को तेजी से बढ़ा रही हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए एविएशन सेक्टर में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है।

Flight Ethanol

दक्षिण कोरिया (South Korea) ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एथेनॉल पर आधारित सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (Sustainable Aviation Fuel - SAF) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का फैसला किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले जेट फ्यूल पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म करना है, ताकि आसमान को साफ और सुरक्षित बनाया जा सके।

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